अहमदाबाद: ब्रेन हैमरेज के इलाज के बाद अपने पिता को खोने वाले एक व्यक्ति ने न्याय के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि रेलवे अस्पताल के एक क्लर्क ने करीब 7 लाख रुपये के मेडिकल क्लेम को पास करने की एवज में 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी है।
बुधवार को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआई ने वलसाड रेलवे अस्पताल के क्लर्क बिसेश्वर बेहरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसी की एफआईआर में स्पष्ट किया गया है कि यह आरोप भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एक अपराध है, जिसके चलते जांच के लिए नियमित मामला दर्ज कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता दिव्येश पटेल के पिता वेस्टर्न रेलवे के पेंशनर थे। उनका 3 जुलाई से 30 जुलाई तक अस्पताल में इलाज चला था, जिसमें परिवार को कुल 6,95,326 रुपये का खर्च आया था। पटेल ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की ओर से मेडिकल बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज रिफंड के लिए वलसाड रेलवे अस्पताल में जमा कराए थे। दुर्भाग्यवश, बाद में 17 अगस्त 2025 को उनके पिता का निधन हो गया।
इसके बाद पटेल लगातार अपने क्लेम के लिए अस्पताल के चक्कर काटते रहे। इस दौरान उनकी मुलाकात क्लर्क बेहरा से हुई, जो इस क्लेम फाइल के प्रभारी थे। शुरुआत में क्लर्क ने भरोसा दिलाया कि वह फाइल पर काम कर रहे हैं, लेकिन बाद में उसने दस्तावेजों में बार-बार कमियां निकालनी शुरू कर दीं।
काफी मशक्कत के बाद पटेल ने 15 जुलाई 2026 को बेहरा को संशोधित बिल सौंपे। इसके बाद क्लर्क ने भी मान लिया कि अब सभी दस्तावेज पूरी तरह से पूरे और सही हैं।
हालांकि, शिकायत के मुताबिक, बेहरा ने पटेल से साफ कह दिया कि वह इस मेडिकल क्लेम की फाइल को तभी आगे बढ़ाएगा जब उसे 20,000 रुपये बतौर रिश्वत दिए जाएंगे।
पटेल ने घूस देने से साफ इनकार कर दिया और अपने क्लेम के पास होने का इंतजार करने लगे। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि आज तक क्लर्क ने उनकी फाइल को मंजूरी नहीं दी है।
शिकायत में आगे बताया गया है कि 3 अगस्त को बेहरा ने पटेल को व्हाट्सएप पर मैसेज किया। उसने पटेल से मेडिकल बिल पास करने के एवज में होने वाले भुगतान के संबंध में अगले दिन ऑफिस टाइम के बाद मिलने को कहा। क्लर्क ने कथित तौर पर कहा था कि वह शाम करीब 5.30 बजे पटेल को फोन करेगा।
पटेल ने अपनी शिकायत में कड़े शब्दों में लिखा है कि वह अपने हक के पैसों के लिए बिसेश्वर बेहरा को कोई रिश्वत नहीं देना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे के इस कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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