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वनतारा ने वन्यजीव और पशु चिकित्सा विज्ञान के लिए दुनिया की पहली ग्लोबल यूनिवर्सिटी किया लॉन्च

| Updated: April 10, 2026 19:17

अनंत अंबानी के विजन से जामनगर में शुरू हुई 'वनतारा यूनिवर्सिटी', वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा में भारत बनेगा ग्लोबल हब

जामनगर (गुजरात): रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वैश्विक वन्यजीव संरक्षण संस्था ‘वनतारा’ ने गुजरात के जामनगर में ‘वनतारा यूनिवर्सिटी’ की स्थापना की घोषणा की है। वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान (वेटरनरी साइंस) को समर्पित यह विश्व की पहली एकीकृत ग्लोबल यूनिवर्सिटी है।

आधुनिक गुरुकुल और उद्देश्य-आधारित विश्वविद्यालय की परिकल्पना पर आधारित इस यूनिवर्सिटी का लक्ष्य भारत को इस क्षेत्र में एक ग्लोबल हब बनाना है।

वनतारा यूनिवर्सिटी का मूल उद्देश्य पशु कल्याण, वैज्ञानिक प्रगति और वन्यजीव संरक्षण के भविष्य को संवारना है। यह संस्था वेटरनरी मेडिसिन, संरक्षण और वन्यजीव देखभाल के क्षेत्र में भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करेगी। इसका पाठ्यक्रम भारत की ज्ञान परंपराओं का उपयोग करते हुए शिक्षा के एक उद्देश्य-आधारित और भविष्य-उन्मुख मॉडल को आकार देगा।

इस अवसर पर अनंत अंबानी ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हम करुणा, ज्ञान और कौशल के साथ जीवन की सेवा करने के लिए संस्थानों को कैसे तैयार करते हैं। तनावग्रस्त जानवरों को देखने की व्यक्तिगत यात्रा और उनकी बेहतर देखभाल की आवश्यकता ने ही वनतारा यूनिवर्सिटी को आकार दिया है।

अंबानी ने बताया कि यह यूनिवर्सिटी प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के सिद्धांतों और ऋग्वेद के श्लोक “आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वतः” (सभी दिशाओं से महान विचार हमारी ओर आएं) से प्रेरित है। यह संस्था हर जीवित प्राणी की रक्षा के लिए एक नई पीढ़ी को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिलान्यास स्थल के डिजाइन में दो बिजोलिया बलुआ पत्थरों (सैंडस्टोन) को शामिल किया गया था। वर्तमान बिहार में स्थित प्राचीन नालंदा की भौगोलिक नींव में मौजूद प्राचीन विंध्य संरचनाओं से प्रेरित ये पत्थर भारत की ज्ञान और शिक्षा की स्थायी विरासत का प्रतीक हैं।

यह शिलान्यास समारोह हिंदू परंपराओं के अनुसार आयोजित किया गया। इसमें अनंत अंबानी के शिक्षकों और मेंटर्स सहित शिक्षा, विज्ञान, संरक्षण और सार्वजनिक जीवन के कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस विश्वविद्यालय के निर्माण में भारत की पारिस्थितिक समृद्धि और प्राकृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। शिलान्यास के दौरान देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य भागों के साथ-साथ हिमालय, घास के मैदानों, जंगलों, आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) और शुष्क क्षेत्रों से लाई गई मिट्टी, पानी और पत्थरों की विधिवत स्थापना की गई।

वनतारा यूनिवर्सिटी विभिन्न शैक्षणिक विषयों को एक ही इकोसिस्टम में जोड़ेगी, जो वास्तविक संरक्षण प्रणालियों के साथ जुड़ी होगी। वनतारा की जमीनी कार्यकुशलता का उपयोग करके, यह यूनिवर्सिटी फील्ड के ज्ञान को शैक्षणिक कार्यक्रमों और व्यावसायिक प्रशिक्षण में तब्दील करेगी।

यह यूनिवर्सिटी अंडरग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट, फेलोशिप और अन्य विशिष्ट पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगी। इनमें वाइल्डलाइफ मेडिसिन, सर्जरी, पोषण, व्यवहार विज्ञान, आनुवंशिकी, महामारी विज्ञान, वन हेल्थ, प्रजनन नीति और प्राकृतिक पशु देखभाल से जुड़े विषय शामिल होंगे। वनतारा सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए स्कॉलरशिप भी देगा।

यूनिवर्सिटी को अत्याधुनिक शैक्षणिक व क्लिनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एक आवासीय परिसर का समर्थन मिलेगा। इसका फोकस कार्य-उन्मुख अनुसंधान पर होगा और इसका शैक्षणिक मॉडल इन-सीटू व एक्स-सीटू संरक्षण का एकीकरण करेगा।

शिलान्यास समारोह के साथ ही करुणापूर्ण संरक्षण शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय प्रयास की भी शुरुआत की गई। इसके तहत ‘वनतारा यूनिवर्सिटी के संस्थापक फेलो’ और ‘एवरी लाइफ मैटर्स’ स्कॉलरशिप की घोषणा की गई, जिसका संदेश है कि ज्ञान का उपयोग केवल प्रगति के लिए नहीं, बल्कि रक्षण के लिए भी होना चाहिए।

वनतारा यूनिवर्सिटी का दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि वनों और वन्यजीवों को केवल प्रशंसा की नहीं, बल्कि ज्ञान, वैज्ञानिक प्रणालियों और प्रशिक्षित हाथों की सेवा की आवश्यकता है।

वनतारा

गुजरात के जामनगर में स्थित वनतारा वन्यजीवों के बचाव, पुनर्वास, स्वास्थ्य देखभाल और संरक्षण की एक प्रमुख पहल है। उन्नत पशु चिकित्सा, कल्याण-उन्मुख देखभाल और बड़े पैमाने पर संरक्षण योजना का समन्वय करके, वनतारा विभिन्न प्रजातियों के लिए विशिष्ट उपचार और लंबी अवधि की सहायता प्रदान करता है।

संरक्षण प्रजनन और प्रजातियों की पुनर्प्राप्ति में अपनी बढ़ती भूमिका के साथ, वनतारा वन्यजीव स्वास्थ्य देखभाल और संरक्षण विज्ञान में एक अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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