VoI इम्पेक्टः छोटा उदेपुर केस में 11 में से सात आरोपी गिरफ्तार

| Updated: June 28, 2021 11:44 pm

वाइब्स ऑफ इंडिया (वीओआई) ने गुजरात में एक आदिवासी महिला की कहानी सबके सामने रखी जिसमें उसके साथ शारीरिक और यौन उत्पीड़न किया गया था. अपराधियों द्वारा युरिन पीने के लिए मजबूर भी किया गया था. छोटा उदेपुर पुलिस अब हरकत में आई और सात अपराधियों को गिरफ्तार किया।

जल्द की गयी कार्रवाई के लिए छोटा उदेपुर पुलिस को बधाई, लेकिन दुर्भाग्य से यह कहानी का अंत नहीं है।

आदिवासी महिला, विनीता बेन ने वीओआई कार्यालय में फोन किया। उसने अपना गाँव छोड़ दिया है और जान बचाने के लिए छुपी हुई है. लेकिन उसने हमें स्पष्ट रूप से कहा, “मुझे डर लगता है। मैं जिंदा रहना चाहती हूं।”

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने VoI को बताया, “अपराध बहुत गंभीर है। हालांकि शिकायतकर्ता अनपढ़ है और ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है. जिसके चलते हमने भारतीय दंड संहिता की 11 धाराएं जोड़ी हैं। आज,  हमने आईपीसी 377 भी जोड़ा है जो “अन नेचरल यौन गतिविधियां शामिल हैं”।

यहां इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि एफआईआर में जबरन ओरल सेक्स और विनीता बेन पर अपराधियों का मूत्र पीने के लिए दबाव डालने काकोई उल्लेख नहीं था।

वाइब्स ऑफ इंडिया ने सबसे पहले इस जघन्य अपराध की सूचना दी थी। 2014 के बैच के  आईपीएस शर्मा ने यह भी कहा कि उन्होंने विनीताबेन द्वारा बताए गए 11 आरोपियों में से सात को गिरफ्तार कर लिया है। वे पुलिस हिरासत में हैं, और अभी भी जांच जारी है।

विनीता को कथित तौर पर इन अपराधियों द्वारा दंडित किया गया था जो उसके अपने समुदाय के हैं और इनका पूर्णतया संबंध उसके बेटे की शादी से हैं। उसके बेटे अजय ने दूसरे गांव की पायल नाम की लड़की से प्रेम विवाह किया था। विवाह से पायल का परिवार खुश नहीं था। विनीता बेन ने यह दावा किया है कि अजय और पायल पंजीकृत विवाह के बाद घर नहीं लौटे। विनीता के अनुसार, पायल के पिता, चाचा और चचेरे भाई उसके मिट्टी के घर में घुस गए और उसकी पिटाई की,  उसे अन्य पुरुषों के साथ ओरल सेक्स के लिए मजबूर किया। जब उसने पानी के लिए गुहार लगाई, तो उन्होंने उसे अपना पेशाब पीने के लिए मजबूर किया। यह सब चिछोड़ गांव में एक सार्वजनिक सड़क परहुआ.

विनीता बेन ने लगभग 5.30 बजे VoI कॉल किया और कहा कि उन्हें अभी-अभी जान से मारने की धमकी मिली है। “मैं जीना चाहती हूं।” उसने कहा कि उस पर अपनी जमीन का छोटा टुकड़ा, अपना घर और पशुधन छोड़ने के लिए दबाव डाला जा रहा था। उसने बताया कि कल रात दो लोग उसके घर आए थे और उसे प्राथमिकी वापस लेने की धमकी दी थी।

इस मामले के प्रभारी छोटा उदेपुर के पुलिस निरीक्षक जे के पटेल ने बताया, “हमने आगे की जांच के लिए पीड़ित की रिपोर्ट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एफएसएल को भेज दी है। हम फरार अपराधियों की तलाश कर रहे हैं. और राजू राठौड़ (38), विपुल राठौड़ (32), कदुभाईराठौड़ (28), नितेशभाई राठौड़ (23), भरतभाई राठौड़ (38), राजूभाई भीखाभाई (38) और दिलीपभाई (29) पुलिस हिरासत में हैं। माशाभाई राठौड़, विकेश राठौड़, तेरसिंह राठौड़ और राहुलभाई फरार हैं। सभी आरोपी और पीड़िता के परिवार के सदस्य अनपढ़ हैं।

पीड़िता के कानूनी सलाहकार, अशोक बी रोहित बोडेली से है जो 2008 से – पेशे से वकील हैं। “परिवार ने मुझसे संपर्क किया जब उनके पास कोई चारा नहीं था. ये अन्याय का मामला है इस लिये मेंने उनकी मदद की.”

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