ई-कॉमर्स जगत की दिग्गज कंपनी अमेज़न (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की कटौती का ऐलान किया है। कंपनी ने बुधवार को जानकारी दी कि वह वैश्विक स्तर पर अपने 16,000 पदों को खत्म करने जा रही है। यह फैसला अमेज़न के उस व्यापक पुनर्गठन (Restructuring) का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भी कंपनी ने 14,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। ताज़ा छंटनी का यह दौर न केवल कॉर्पोरेट ढांचे में बदलाव की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) किस तरह कार्यबल की गतिशीलता को बदल रहा है।
भारतीय कर्मचारियों पर भी होगा असर
अमेज़न की इस योजना की गाज भारत में काम कर रहे कर्मचारियों पर भी गिरेगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में कुल कितने पद खत्म होंगे, लेकिन आने वाले कुछ दिनों में यह तस्वीर साफ हो जाएगी। सूत्रों का अनुमान है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में छंटनी का आंकड़ा कम रह सकता है।
भारत में लगभग 1,30,000 लोग अमेज़न से जुड़े हैं। साल 2023 की शुरुआत में कंपनी ने भारत में 1,000 से अधिक कर्मियों को निकाला था, जबकि पिछले साल यह संख्या 800 रही थी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
अमेज़न की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी) बेथ गैलेटी के अनुसार, कंपनी अपनी नौकरशाही (Bureaucracy) को कम करने, जिम्मेदारी (Ownership) बढ़ाने और प्रबंधन की परतों को घटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को कंपनी पूरा सहयोग देगी।
“हम प्रभावित होने वाले साथियों को आंतरिक रूप से नई भूमिकाएं खोजने के लिए समय दे रहे हैं। जो लोग कंपनी में नई भूमिका नहीं पाएंगे, उन्हें विच्छेद वेतन (Severance pay), प्लेसमेंट सहायता और स्वास्थ्य बीमा जैसे लाभ दिए जाएंगे।” — बेथ गैलेटी
भविष्य की रणनीति: छंटनी के साथ निवेश भी जारी
भले ही अमेज़न अपने कर्मचारियों की संख्या घटा रही है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि वह रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश और नई नियुक्तियां करना बंद नहीं करेगी। कंपनी का मानना है कि वे अभी भी अपने व्यवसायों के निर्माण के शुरुआती चरण में हैं और भविष्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
गैलेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि हर कुछ महीनों में इस तरह की बड़ी कटौती करना कंपनी का कोई नियमित एजेंडा नहीं है। हालांकि, बदलते वैश्विक परिदृश्य और ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से टीमें अपनी क्षमता और गति का मूल्यांकन करती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर उचित बदलाव किए जाएंगे।
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