गौतम अदाणी ने 1 मई 2026 को विश्व श्रमिक दिवस और अपनी 40वीं विवाह वर्षगांठ के अवसर पर एक बड़े संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की है। अदाणी समूह के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों से जुड़ने के लिए उन्होंने ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ नामक पहल को लॉन्च किया। इस खास दिन की शुरुआत उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति अदाणी के साथ केदारनाथ धाम जाकर भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद के साथ की।
अपने संबोधन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में अदाणी ने अपनी जीवनसंगिनी के साथ 40 वर्षों की यात्रा को याद किया। उन्होंने अपनी पत्नी को हर चुनौती में एक शांत शक्ति और सफलता में विनम्र आधार बताया। केदारनाथ में उन्होंने देश की निरंतर प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ सभी के सुख व स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।
राष्ट्र निर्माण के प्रति समूह की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारा हर प्रयास केवल संस्थागत न होकर राष्ट्रीय महत्व का हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अदाणी समूह भी इस यात्रा में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने अपने प्रमुख प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए मुंद्रा पोर्ट, केरलम के विझिंजम पोर्ट और कच्छ के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट को भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया। इसके अलावा नवी मुंबई एयरपोर्ट, उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे और मुंबई के धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट को भी उन्होंने देश के ऐतिहासिक और मानवीय परिवर्तन वाले कदम करार दिए।
अदाणी ने संगठन की गति और भविष्य को मजबूत बनाने के लिए तीन बड़े बदलावों की घोषणा की। इनमें पहला ‘थ्री-लेयर मॉडल’ है, जिसका उद्देश्य संगठन को सपाट बनाकर फैसलों की गति बढ़ाना है।
दूसरा ‘पार्टनरशिप मॉडल’ है, जो ठेकेदारों और पार्टनर्स के साथ मिलकर काम को तेजी से जमीन पर उतारने का काम करेगा।
तीसरा बदलाव ‘लर्निंग एंड डेवलपमेंट’ है, जिसके तहत अदाणी स्किल सेंटर के जरिए हर श्रमिक और कर्मचारी को अपने कौशल को निखारने का अवसर दिया जाएगा।
संस्था को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने ‘पंचतत्व’ की अवधारणा भी पेश की। इसमें स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता, निरंतर स्किल ट्रेनिंग, स्पष्ट करियर प्रगति, उचित वेतन और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में अदाणी समूह में बाहर से नियुक्तियां बंद कर केवल अपने ही टैलेंट को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
कर्मचारियों के रहन-सहन के स्तर को सुधारने के लिए अदाणी ने बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि मुंद्रा और खावड़ा में लगभग 50,000 सहयोगियों के लिए वातानुकूलित आवास बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मुंद्रा में एक विशाल क्लाउड किचन भी बन रहा है, जहाँ प्रतिदिन एक लाख लोगों के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार किया जाएगा।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने अदाणी समूह के हर साइट को एक ‘मिनी इंडिया’ बताया। उन्होंने सभी कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे खुद को केवल श्रमिक या अधिकारी न समझें, बल्कि राष्ट्र निर्माता के रूप में देश के विकास में अपना योगदान दें।
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