अहमदाबाद: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में शानदार वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 38,736 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही APSEZ एक ही वर्ष में 500 मीट्रिक टन (MMT) से अधिक पोर्ट कार्गो को संभालने वाली भारत की पहली इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर बन गई है।
मजबूत प्रदर्शन के बल पर कंपनी ने अपने 38,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू और 22,800 करोड़ रुपये के एबिटडा (EBITDA) गाइडेंस को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वर्ष के नतीजों के अनुसार, APSEZ का एबिटडा 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 22,851 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 16 प्रतिशत बढ़कर 12,782 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। अगर केवल वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें, तो कंपनी का कुल रेवेन्यू 26 प्रतिशत के उछाल के साथ 10,738 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि एबिटडा 20 प्रतिशत बढ़कर 6,020 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के सभी प्रमुख बिजनेस सेगमेंट ने बेहतरीन विकास दर्ज किया है। घरेलू बंदरगाहों के रेवेन्यू में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंटरनेशनल पोर्ट्स का रेवेन्यू 34 प्रतिशत बढ़ा है, जिसे मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के NQXT और कोलंबो के CWIT के बेहतर प्रदर्शन से गति मिली।
इसके अलावा, ट्रकिंग और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क में तेजी के कारण लॉजिस्टिक्स रेवेन्यू में 55 प्रतिशत का भारी उछाल आया है। मरीन कारोबार ने भी 136 जहाजों के बेड़े के साथ रेवेन्यू में 134 प्रतिशत और एबिटडा में 125 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है।
APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने इस सफलता पर कहा कि भू-राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक टैरिफ अनिश्चितता के बावजूद कंपनी ने रिकॉर्ड 500.8 MMT कार्गो वॉल्यूम के साथ अपना FY26 गाइडेंस पार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने दिसंबर 2030 तक एक अरब टन पोर्ट कार्गो के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एक मजबूत मंच तैयार कर लिया है। यह विस्तार एसेट-लाइट सेवाओं और मरीन फ्लीट के तेजी से बढ़ने पर आधारित है, जिससे वित्त वर्ष 2031 तक रेवेन्यू और एबिटडा के दोगुने से अधिक होने की उम्मीद है।
कंपनी ने कर्ज और पूंजी प्रबंधन में भी अनुशासित रुख बनाए रखा है। नेट डेट टू एबिटडा अनुपात 1.9x के सुरक्षित स्तर पर है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का कुल पूंजीगत व्यय (Capex) 15,320 करोड़ रुपये रहा। निवेशकों को लाभान्वित करते हुए बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 7.5 रुपये प्रति शेयर के लाभांश (डिविडेंड) का प्रस्ताव भी रखा है, जिसके लिए 12 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
भविष्य के लिए भी कंपनी ने एक बेहद सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया है। वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए APSEZ ने 43,000 से 45,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही एबिटडा के 25,000 से 26,000 करोड़ रुपये के बीच रहने और आगामी पूंजीगत व्यय के 12,000 से 14,000 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान जताया गया है।
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