अमेरिका के लुइसियाना राज्य में एक स्टोर के अंदर बातचीत के दौरान अचानक चली गोली ने 30 वर्षीय एक महिला की जिंदगी पूरी तरह बदल कर रख दी है। मूल रूप से गुजरात की रहने वाली यह पीड़िता अब अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
गोली सीधे उनके जबड़े को चीरती हुई निकल गई। इस खौफनाक मामले में महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी रिकवरी में काफी समय लगेगा और कई जटिल सर्जरी करनी पड़ेंगी।
पीड़िता की पहचान जिगीशा उर्फ सोनिया गजेरा के रूप में हुई है। यह घटना 4 अप्रैल को बॉसियर सिटी स्थित ‘मेज़ो ग्रोसरी एंड डेली’ (Mezo Grocery and Deli) के अंदर घटी। वहां अचानक हथियार से गोली चलने के कारण उनके चेहरे पर गंभीर और दर्दनाक चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त हथियार सोनिया के 30 वर्षीय पति शरद गजेरा के पास था। बहुत करीब से चली यह गोली सोनिया के मुंह के अंदर से होते हुए उनके जबड़े के बाहर निकल गई।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद शरद ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद 21 अप्रैल को अधिकारियों ने उसे हथियार के अवैध इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि यह दंपति उस वक्त स्टोर के मालिक विंस मेज़ो के साथ आउटलेट खरीदने की संभावनाओं को लेकर बातचीत कर रहा था, तभी यह दर्दनाक घटना हुई।
पुलिस ने फिलहाल इस फायरिंग को एक हादसा बताया है, लेकिन घटनास्थल के हालात कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। चश्मदीदों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब दंपति स्टोर मालिक से बात कर रहा था, तभी अचानक गोली चलने की तेज आवाज आई।
कई गवाहों ने इस घटना के “हादसा” होने के दावे पर संदेह जताया है। उनका मानना है कि किसी सार्वजनिक व्यावसायिक जगह पर लोडेड बंदूक लेकर जाना अपने आप में एक बड़ा जोखिम है।
सोनिया इस समय बॉसियर सिटी के एक अस्पताल में बेहद नाजुक हालत में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस घटना ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया है।
गोली लगने के कारण उनके दांतों, जबड़े और निचले होंठ को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वह सामान्य रूप से खाना भी नहीं खा पा रही हैं। फिलहाल उन्हें सांस लेने के लिए मेडिकल उपकरणों और कृत्रिम पोषण पर रखा गया है।
परिजनों के हवाले से चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया है कि उनकी रिकवरी की प्रक्रिया बहुत लंबी होने वाली है।
इसमें जबड़े और चेहरे की रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी के साथ-साथ डेंटल इम्प्लांट जैसी कई सर्जरियां शामिल होंगी। हालांकि, लंबे इलाज के बाद भी उनका पूरी तरह से ठीक होना अनिश्चित बताया जा रहा है।
प्रशासन ने अभी तक इस दंपति के इमिग्रेशन स्टेटस को लेकर कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। इस भारी संकट के बीच, अस्पताल के बढ़ते बिलों में मदद करने के लिए समुदाय के लोगों ने एक क्राउडफंडिंग अभियान शुरू किया है।
इस फंडरेजर का लक्ष्य 2,00,000 डॉलर (लगभग 1.9 करोड़ रुपये) जुटाना है। इस अपील में सोनिया के व्यक्तिगत संघर्ष और उनके हार न मानने वाले जज्बे का भी जिक्र किया गया है।
बेहतर भविष्य की उम्मीद में सोनिया हाल ही में अमेरिका आई थीं। वह पार्ट-टाइम नौकरी करने के साथ-साथ एक कॉस्मेटोलॉजिस्ट बनने का सपना देख रही थीं।
फंडरेजर पेज पर उनके जीवन के पिछले संघर्षों को भी बताया गया है। उन्होंने अपने छोटे भाई को खो दिया था और पिता की लंबी बीमारी के दौरान एक केयरटेकर के रूप में उनकी पूरी देखभाल की थी।
समर्थक उन्हें एक बेहद मजबूत महिला बता रहे हैं, जो अब अपने घर से मीलों दूर एक बहुत बड़ी और मुश्किल लड़ाई लड़ रही है।
24 अप्रैल तक इस अभियान में 51 दानकर्ताओं की मदद से 9,135 डॉलर (लगभग 8.6 लाख रुपये) जुटाए जा चुके हैं। हालांकि, इलाज के भारी खर्च को देखते हुए यह रकम अभी जरूरत के हिसाब से बहुत कम है।
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