रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और वित्तीय वर्ष के लिए अपने समेकित (कंसोलिडेटेड) परिणामों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 1,175,919 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड वार्षिक समेकित रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 9.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है।
इसी के साथ कंपनी का वार्षिक समेकित EBITDA 13.4 प्रतिशत बढ़कर 207,911 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा (PAT) 18.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 95,610 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन के बीच कंपनी ने 6 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की भी घोषणा की है।
इन शानदार नतीजों पर बात करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बदलते वैश्विक व्यापार के बावजूद भारत और रिलायंस ने अपना आर्थिक विकास जारी रखा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है और AI आधारित भविष्य की तैयारी कर रही है।
पश्चिम एशिया में युद्ध से उपजी सप्लाई चेन की समस्याओं के बीच भी रिलायंस की O2C टीम ने महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की है। ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि रिलायंस की न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियां तेजी से काम कर रही हैं, जो भविष्य में विकास का एक बड़ा इंजन बनेंगी।
टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर में जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने लगातार अपनी बढ़त बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में जियो का EBITDA 17.9 प्रतिशत बढ़कर 20,060 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, इस तिमाही का रेवेन्यू 12.7 प्रतिशत बढ़कर 44,928 करोड़ रुपये रहा।
जियो का कुल ग्राहक आधार अब 524 मिलियन को पार कर गया है, जिसमें 268 मिलियन ‘जियो ट्रू 5G’ और लगभग 13 मिलियन ‘जियो एयरफाइबर’ के ग्राहक शामिल हैं।
रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने इस उपलब्धि पर कहा कि जियो अब इंटेलिजेंस युग के लिए भारत का प्रमुख डिजिटल गेटवे बन गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जियो का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही वह मुख्य माध्यम होगा जिसके जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाएं भारतीय ग्राहकों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी। इस वर्ष ग्राहकों के एंगेजमेंट में भी भारी उछाल देखा गया है, जहाँ चौथी तिमाही में डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 35 प्रतिशत बढ़कर 66 एक्साबाइट हो गया।
रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने भी वित्त वर्ष 2026 में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रिटेल कारोबार का वार्षिक रेवेन्यू 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 370,026 करोड़ रुपये और वार्षिक शुद्ध मुनाफा (PAT) 11.7 प्रतिशत बढ़कर 13,838 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष में 1,564 नए स्टोर खोले हैं, जिससे इसके कुल स्टोर्स की संख्या 20,000 के आंकड़े को पार कर गई है। अब रिलायंस रिटेल के पास 387 मिलियन पंजीकृत ग्राहक हैं और इस वर्ष 1.93 बिलियन लेनदेन दर्ज किए गए हैं।
रिलायंस रिटेल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा एम. अंबानी ने इसे कंपनी के लिए व्यापक नफ़े वाली वृद्धि का वर्ष बताया। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में हाइपर-लोकल दैनिक ऑर्डर्स में 300 प्रतिशत (चार गुना) से ज्यादा का उछाल आया है।
कंपनी का हाइपर-लोकल डिलीवरी नेटवर्क 1,200 से अधिक शहरों और 5,100 से अधिक पिन कोड्स में फैले 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के जरिए सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का मुख्य ध्यान AI-आधारित मर्चेंडाइजिंग और अधिक सटीक प्राइसिंग के जरिए ग्राहकों को बेहतर वैल्यू देने पर होगा।
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