अहमदाबाद: शहर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, अहमदाबाद पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बुधवार की शाम को पुलिस ने नोबल नगर के पास से एक भाई-बहन की जोड़ी को गिरफ्तार किया, जिनके पास से करोड़ों रुपये का मादक पदार्थ बरामद हुआ है।
एसओजी की टीम ने आरोपियों के पास से 22.78 किलोग्राम ‘हाइब्रिड गांजा’ जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 7.97 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने कार और मोबाइल फोन सहित कुल 8.01 करोड़ रुपये का माल जब्त किया है। डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) में दर्ज शिकायत के अनुसार, इस रैकेट के तार सीधे थाईलैंड से जुड़े हुए हैं।
गुप्त सूचना पर एसओजी का जाल
एसओजी को इस तस्करी के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसी आधार पर टीम ने बुधवार शाम करीब 4:30 बजे चिलोदा-एयरपोर्ट रोड पर प्रेम प्रकाश आश्रम के पास जाल बिछाया। पुलिस ने वहां से गुजर रही एक संदिग्ध कार को रोका और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट पर तीन कपड़े के थैले मिले। इन थैलों को खोलने पर पुलिस को 26 सीलबंद पैकेट मिले, जिनमें हरे-भूरे रंग का वनस्पति जैसा पदार्थ भरा हुआ था। पदार्थ से आ रही तेज गंध ने इसके संदिग्ध होने का इशारा किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) के अधिकारी ने एसओजी कार्यालय में ही इसकी प्रारंभिक जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि यह पदार्थ ‘हाइब्रिड गांजा’ है। डिजिटल तराजू पर वजन करने पर कुल मात्रा 22.78 किलोग्राम पाई गई।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने मौके से जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, वे सगे भाई-बहन हैं। उनकी पहचान चेतन प्रजापति (28 वर्ष) और उसकी बहन जिया प्रजापति (34 वर्ष) के रूप में हुई है। मूल रूप से राजस्थान के राजसमंद का रहने वाला चेतन और चित्तौड़गढ़ की रहने वाली जिया, फिलहाल अहमदाबाद में ही रह रहे थे।
पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन, महिला के नाम का एक भारतीय पासपोर्ट और तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
बैंकॉक कनेक्शन और मुंबई एयरपोर्ट का राज
पूछताछ के दौरान जिया ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह नवंबर 2025 में बैंकॉक गई थी, जहां उसकी मुलाकात दो ऐसे व्यक्तियों से हुई जिन्होंने उसे भारत में हाइब्रिड गांजा लाने के लिए ‘करियर्स’ (वाहक) का इंतजाम करने को कहा।
योजना के मुताबिक, जनवरी 2026 में राजस्थान से चार लोगों को बैंकॉक भेजा गया था। इन चार में से एक व्यक्ति 9 जनवरी को मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था और वह अभी जेल में है। वहीं, बाकी तीन लोग सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचकर निकलने में कामयाब रहे और उन्होंने यह खेप गुजरात में इन भाई-बहन तक पहुंचा दी।
पुलिस अब इन कड़ियों को जोड़ रही है और विदेश से जुड़ी इस सप्लाई चेन को पूरी तरह खंगालने के लिए डिजिटल सबूतों और ट्रैवल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।
शहर में खपाने की थी तैयारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किया गया यह नशीला पदार्थ अहमदाबाद शहर में बेचने के लिए लाया गया था। डीसीबी ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें ड्रग्स रखना, तस्करी करना और आपराधिक साजिश रचना शामिल है। पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
क्या है हाइब्रिड गांजा और क्यों है इतना महंगा?
हाइब्रिड गांजा मारिजुआना (भांग) का एक मॉडिफाइड यानी संशोधित रूप है, जिसे विशेष रूप से इसकी क्षमता (पोटेंसी) बढ़ाने के लिए उगाया जाता है। सामान्य गांजे की तुलना में, हाइब्रिड वेरिएंट में नशा पैदा करने वाले यौगिकों की मात्रा काफी अधिक होती है, यही कारण है कि अवैध बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब्त किए गए 22.78 किलोग्राम गांजे की कीमत 7.97 करोड़ रुपये है, जो इसके ब्लैक-मार्केट रेट पर आधारित है। जिस तरह से इन पैकेट्स को प्लास्टिक पार्सल में सील किया गया था, वह एक संगठित तस्करी गिरोह की ओर इशारा करता है।
अधिकारियों का कहना है कि शहर के ग्राहकों तक पहुंचने से पहले आमतौर पर ऐसे बड़े कंसाइनमेंट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर स्थानीय तस्करों को दिया जाता है।
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