टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने गुजरात के सूरत में दो युवतियों की चौंकाने वाली मौत पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स से यह खुलासा हुआ था कि दोनों सहेलियों ने आत्महत्या के तरीके खोजने के लिए चैटजीपीटी (ChatGPT) का सहारा लिया था। अधिकारियों को संदेह है कि उन्होंने खुद को एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) का इंजेक्शन लगाया था। पॉडकास्टर और ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) की पूर्व सलाहकार केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर इस घटना को साझा करते हुए लिखा कि भारत में दो महिलाओं ने एआई प्लेटफॉर्म के साथ बातचीत के बाद अपनी जान दे दी।
उन्होंने बताया कि युवतियों ने चैटबॉट पर आत्महत्या करने के तरीके और इसमें इस्तेमाल होने वाली दवाओं के बारे में सर्च किया था। केटी मिलर ने लोगों से अपील की कि वे अपने प्रियजनों को चैटजीपीटी का इस्तेमाल न करने दें। एक्स (X) पर इस घटना से जुड़े एक पोस्ट का जवाब देते हुए एलन मस्क ने सिर्फ एक शब्द में अपनी हैरानी जताते हुए लिखा, “Yikes” (बाप रे)।
स्वामीनारायण मंदिर परिसर में क्या हुआ था
इस दिल दहला देने वाले मामले की शुरुआत शुक्रवार, 6 मार्च की सुबह हुई। बचपन की दो सहेलियां, 18 वर्षीय रोशनी सिरसाठ और 20 वर्षीय जोसना चौधरी हमेशा की तरह कॉलेज जाने की बात कहकर अपने घरों से निकली थीं। दोपहर तक जब दोनों वापस नहीं लौटीं और उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया, तो चिंतित परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने उनके चालू मोबाइल फोन के आधार पर उनकी आखिरी लोकेशन को शहर के बाहरी इलाके में स्थित ‘आत्मीय संस्कार धाम स्वामीनारायण मंदिर’ परिसर तक ट्रेस किया।
शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे से शुरू हुई यह तलाश शनिवार को भी जारी रही और इसी दौरान मंदिर परिसर के भीतर युवतियों की स्कूटी खड़ी हुई मिली। इसके बाद मंदिर के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई, जिसमें दोनों सहेलियां सुबह 7:44 बजे एक वॉशरूम की ओर जाती हुई दिखाई दीं और उसके बाद कभी बाहर नहीं आईं। जब पुलिस और परिजन वहां पहुंचे, तो वॉशरूम अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर दोनों छात्राएं वहां मृत अवस्था में पाई गईं।
शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने जहरीली दवाओं का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस को उनके शवों के पास से तीन दवाओं की शीशियां, एक खाली शीशी और सिरिंज बरामद हुई हैं। रोशनी सिरसाठ को न्यू सिविल अस्पताल और जोसना चौधरी को स्मीमेर (SMIMER) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। रोशनी उधना सिटीजन कॉमर्स कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा थी, जबकि जोसना वाडिया विमेंस कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी।
चैटजीपीटी सर्च हिस्ट्री और आगे की जांच
यह मामला तब और भी ज्यादा परेशान करने वाला हो गया, जब आगे की जांच में पीड़िताओं के मोबाइल फोन खंगाले गए। इससे इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर “आत्महत्या कैसे करें” (How To Commit Suicide) जैसे तरीके सर्च किए थे। फोन की सर्च हिस्ट्री में एक समाचार लेख की तस्वीर भी मिली, जिसमें एनेस्थीसिया का उपयोग करके आत्महत्या करने वाली एक अन्य महिला का जिक्र था। यह तस्वीर एक फोन में सेव भी की गई थी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
डिंडोली थाने की पुलिस ने फिलहाल इस मामले को एक्सीडेंटल डेथ (आकस्मिक मृत्यु) के तौर पर दर्ज कर लिया है। मौके से बरामद सिरिंज, जहरीली दवाओं की शीशियों और लड़कियों के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।
एलन मस्क का सैम ऑल्टमैन पर तंज: ‘ग्रोक की वजह से किसी ने आत्महत्या नहीं की’
इस घटना के बीच एलन मस्क और ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन के बीच चल रही तनातनी भी सुर्खियों में है। पिछले हफ्ते ही मस्क ने ओपनएआई के सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ी आलोचना की थी। मस्क ने अपनी खुद की एआई कंपनी xAI की तुलना ओपनएआई से करते हुए दावा किया था कि चैटजीपीटी को खुद को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं से जोड़ा गया है, जबकि उनके एआई टूल ‘ग्रोक’ (Grok) की वजह से किसी ने आत्महत्या नहीं की है।
वर्तमान में, ओपनएआई कई मुकदमों का सामना कर रहा है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि इसके चैटबॉट के साथ होने वाली भ्रामक बातचीत ने आत्महत्या सहित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। दूसरी ओर, मस्क की कंपनी xAI भी अपने खुद के गंभीर विवादों में घिरी हुई है।
मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हाल ही में ग्रोक द्वारा बनाई गई बिना सहमति वाली अश्लील तस्वीरें (न्यूड्स) बड़ी संख्या में सामने आई थीं, जिनमें से कुछ तस्वीरों में कथित तौर पर नाबालिगों को भी दर्शाया गया था।
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