अहमदाबाद: शैक्षणिक और अनुसंधान (रिसर्च) के क्षेत्र में सहयोग का एक नया ढांचा तैयार करने के लिए अडानी यूनिवर्सिटी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी पूरे पांच वर्षों के लिए की गई है। इसके तहत दोनों संस्थान इनोवेशन आधारित शिक्षा और इंटरडिसिप्लिनरी (अंतःविषय) रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करने पर मिलकर काम करेंगे।
इस महत्वपूर्ण समझौते के दायरे में कई प्रमुख पहल शामिल हैं। इनमें संयुक्त अनुसंधान (जॉइंट रिसर्च), को-ऑथर्ड पब्लिकेशन्स, अकादमिक आदान-प्रदान और छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर मुख्य रूप से शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा, दोनों संस्थान मिलकर सहयोगात्मक रिसर्च फंडिंग के विकल्प भी तलाशेंगे। साथ ही, दोनों संस्थानों द्वारा मिलकर सेमिनार और सम्मेलनों का सह-आयोजन भी किया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत विभिन्न शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इनमें एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, समर स्कूल और डिजिटल कोर्सेस शामिल हैं, जिनसे छात्रों और फैकल्टी को व्यापक संसाधन और साझा विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।
अडानी यूनिवर्सिटी के लिए यह कदम प्रमुख अकादमिक संस्थानों के साथ साझेदारी करके अपने रिसर्च इकोसिस्टम को और गहरा करने का एक केंद्रित प्रयास है। यह समझौता उद्योग-आधारित शिक्षा (इंडस्ट्री-लिंक्ड लर्निंग) को अकादमिक रिसर्च के साथ जोड़ने में मदद करेगा, जिससे इनोवेशन के नए रास्ते खुलेंगे।
यह साझेदारी उच्च शिक्षा में बढ़ रहे उस व्यापक चलन के भी अनुरूप है, जहां शिक्षण संस्थान जटिल चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए साझा लर्निंग मॉडल और रिसर्च के जरिए आपस में तेजी से सहयोग कर रहे हैं।
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