पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026 के रुझान और शुरुआती परिणाम सामने आ गए हैं। इन चुनावों ने भारतीय राजनीति की तस्वीर को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। एक तरफ पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने द्रविड़ राजनीति के दशकों पुराने वर्चस्व को तोड़ दिया है।
इसके अलावा केरल में यूडीएफ प्रचंड बहुमत की ओर है, असम में एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में लौट रही है और पुडुचेरी में रंगासामी का गठबंधन मजबूत स्थिति में है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी का ऐतिहासिक उलटफेर
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को बड़ा झटका लगता दिख रहा है। दोपहर तक के रुझानों के अनुसार, बीजेपी 192 सीटों पर बढ़त के साथ राज्य में पहली बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। टीएमसी महज़ 96 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर कड़ी टक्कर का सामना कर रही हैं, हालांकि उन्होंने अपनी हार नहीं मानी है और शाम तक तस्वीर बदलने का दावा किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बीजेपी को मिला भारी समर्थन राज्य में सत्ता परिवर्तन का स्पष्ट संकेत दे रहा है। दूसरी तरफ टीएमसी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ईवीएम हैक होने के आरोप लगाए हैं।
तमिलनाडु में टीवीके की आंधी, बड़े दिग्गज पीछे
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हुई है। अभिनेता जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (टीवीके) 106 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है। यह प्रदर्शन द्रविड़ राजनीति के स्थापित नियमों को पूरी तरह से चुनौती दे रहा है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से पीछे चल रहे हैं। डीएमके का मजबूत गढ़ माने जाने वाले चेन्नई और थूथुकुडी जैसे क्षेत्रों में टीवीके ने भारी सेंधमारी की है। एआईएडीएमके और डीएमके दोनों के ही कई प्रमुख नेता पीछे चल रहे हैं, जो राज्य में भारी सत्ता विरोधी लहर को दर्शाता है।
केरल में वामदलों का सूपड़ा साफ, यूडीएफ की भारी जीत
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने शानदार वापसी की है। राज्य की 140 सीटों वाली विधानसभा में यूडीएफ 100 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है। सीपीएम के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ एलडीएफ (LDF) को भारी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा है।
पुथुपल्ली सीट से कांग्रेस के चांडी ओमन ने 52,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। वामपंथी सरकार के एक दर्जन से अधिक मंत्री चुनाव हारते हुए या पीछे चलते हुए नजर आ रहे हैं। एर्नाकुलम और इडुक्की जैसे जिलों में यूडीएफ क्लीन स्वीप की ओर है, जबकि एलडीएफ अपने गढ़ों में भी संघर्ष कर रही है।
असम में एनडीए की सत्ता में शानदार हैट्रिक
असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने जा रहा है। 126 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दल (अगप और बीपीएफ) लगभग 100 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा है। कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं। बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तरी और पूर्वी असम में एनडीए उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
पुडुचेरी में एनडीए का दबदबा बरकरार
पुडुचेरी में रिकॉर्ड 91.23 प्रतिशत मतदान के बाद सत्तारूढ़ एआईएनआरसी (AINRC) और बीजेपी गठबंधन सत्ता में वापसी करता दिख रहा है। मुख्यमंत्री और एआईएनआरसी संस्थापक एन. रंगासामी ने अपनी थट्टांचवडी सीट से शानदार जीत दर्ज कर ली है।
शुरुआती रुझानों और परिणामों में एआईएनआरसी और बीजेपी के उम्मीदवार कांग्रेस-डीएमके गठबंधन से स्पष्ट रूप से आगे चल रहे हैं। कुछ सीटों पर टीवीके (TVK) और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कड़ा मुकाबला पेश किया है, लेकिन मुख्य जनादेश एनडीए गठबंधन के पक्ष में जाता हुआ नजर आ रहा है।
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