लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स (RR) की रोमांचक जीत के मुख्य सूत्रधार रवींद्र जडेजा रहे। यह मुकाबला राजस्थान के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। एक समय 10.2 ओवर में टीम का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर महज 77 रन था और वे गहरे संकट में दिख रहे थे।
क्रीज पर जडेजा का साथ देने के लिए डोनोवन फरेरा मौजूद थे और बल्लेबाजी क्रम में इसके बाद ज्यादा गहराई नहीं बची थी। इन दोनों ने मिलकर 33 रनों की अहम साझेदारी की और राजस्थान रॉयल्स की शानदार वापसी कराई।
फरेरा के आउट होने के बाद जडेजा ने मोर्चा संभाला और 43 रनों की बेहतरीन पारी खेलते हुए टीम को 159-6 के स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, टी20 क्रिकेट के लिहाज से यह लक्ष्य थोड़ा कम लग रहा था।
लक्ष्य का बचाव करने उतरी राजस्थान के गेंदबाजों ने बाजी पूरी तरह से पलट दी। जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर और बृजेश शर्मा की तिकड़ी ने घातक गेंदबाजी करते हुए लखनऊ के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। लखनऊ की पूरी टीम 119 रन पर ढेर हो गई और राजस्थान ने यह मैच 40 रनों से अपने नाम कर लिया।
बल्लेबाजी के साथ-साथ जडेजा ने गेंद से भी कमाल दिखाया। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 29 रन देकर एक बहुमूल्य विकेट हासिल किया। उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान जडेजा ने अपने इस अवॉर्ड को गुजरात की शिक्षा मंत्री के नाम समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “मैन ऑफ द मैच जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं यह अवॉर्ड गुजरात की शिक्षा मंत्री को समर्पित करना चाहता हूं। उन्होंने कल कहा था कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा, और मैंने वैसा ही किया।”
दरअसल, रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा जडेजा गुजरात सरकार में प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में हुए कैबिनेट फेरबदल के दौरान उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी वजह से जडेजा ने मंच से यह खास संदेश दिया था।
जडेजा अपनी पत्नी के राजनीतिक सफर में हमेशा मजबूती से उनके साथ खड़े रहे हैं। इस स्टार ऑलराउंडर ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भी रीवाबा के लिए जमकर प्रचार किया था। उस चुनाव में रीवाबा ने जामनगर उत्तर विधानसभा सीट से शानदार जीत दर्ज की थी।
इस महत्वपूर्ण जीत के साथ ही राजस्थान रॉयल्स की टीम पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। टीम ने अब तक पांच जीत दर्ज की हैं और केवल दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है।
अगर यहां से टीम लगातार मैचों में खराब प्रदर्शन नहीं करती है, तो उनका प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का है। हालांकि, राजस्थान की नजरें अंक तालिका में टॉप-2 में जगह बनाकर लीग चरण का अंत करने पर होंगी, इसलिए वे किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने की गलती नहीं करेंगे।
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