comScore दिल्ली: पूर्व नौकर ने की IRS अधिकारी की बेटी की हत्या, बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए किया फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

दिल्ली: पूर्व नौकर ने की IRS अधिकारी की बेटी की हत्या, बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए किया फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल

| Updated: April 23, 2026 16:19

दक्षिण दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा को पूर्व नौकर ने उतारा मौत के घाट, लूट के लिए खून से सनी उंगली से लॉकर खोलने की खौफनाक कोशिश।

देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दक्षिण दिल्ली में एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की उनके ही घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस खौफनाक जुर्म को उनके एक पूर्व घरेलू नौकर ने अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपी ने नकदी और गहने चुराने के लिए मृतका की खून से सनी उंगली का इस्तेमाल करके घर का बायोमेट्रिक लॉकर खोलने की भी कोशिश की।

आरोपी ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि वह घर में बलात्कार के इरादे से दाखिल हुआ था। इस जघन्य अपराध में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय मुख्य आरोपी राहुल मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, जो राजस्थान के डूंगरपुर का रहने वाला है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय परिवहन संपर्कों के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखकर एक सघन तलाशी अभियान के बाद उसे पकड़ा गया। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था की एक बहुत बड़ी चूक भी सामने आई है।

आरोपी पूर्व कर्मचारी होने के नाते वहां का एक जाना-पहचाना चेहरा था, इसी वजह से वह बिना किसी रोक-टोक के सोसाइटी के चार कड़े सुरक्षा घेरों को पार करके आसानी से अंदर घुसने में कामयाब हो गया।

जांचकर्ताओं का कहना है कि यह अपराध पूरी तैयारी के साथ और बेहद हिंसक तरीके से किया गया था। आरोपी सुबह-सुबह आवासीय परिसर में दाखिल हुआ, क्योंकि उसे अच्छी तरह पता था कि उस वक्त मृतका के माता-पिता घर से बाहर जाते हैं। वह घर में पहले भी काम कर चुका था, इसलिए उसे हर जगह की सटीक जानकारी थी।

घटना के वक्त लड़की छत पर बने अपने स्टडी रूम में अकेली थी। वह एक बेहद होनहार छात्रा थी जिसने 12वीं की विज्ञान की परीक्षा में टॉप किया था। इसके अलावा वह एक आईआईटी ग्रेजुएट इंजीनियर थी और आईएएस अधिकारी बनने का सपना लिए सिविल सेवा (यूपीएससी) परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।

आरोपी राहुल ने घर में घुसकर उसे काबू करने की कोशिश की। जब लड़की ने अपना बचाव किया, तो आरोपी ने मोबाइल फोन के चार्जर से उस पर कई जोरदार वार किए। इन लगातार हमलों से वह बेहोश हो गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इसके बाद उसी चार्जर की केबल का इस्तेमाल करके उसका गला घोंट दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में बलात्कार, हत्या और डकैती का मामला दर्ज किया है। इस मामले में एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सच सामने आया है। दिल्ली में इस वारदात को अंजाम देने से 12 घंटे से भी कम समय पहले, आरोपी ने राजस्थान के अलवर में एक अन्य महिला के साथ भी बलात्कार किया था।

आरोपी राहुल मीणा करीब आठ महीने तक इस परिवार के साथ काम कर चुका था। दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) विजय कुमार ने बताया कि आईआरएस अधिकारी के साथ काम करने वाले एक जूनियर अधिकारी की सिफारिश पर करीब एक साल पहले उसे काम पर रखा गया था। जांच में पता चला है कि उसे ऑनलाइन गेमिंग की लत थी और वह दूसरे घरेलू सहायकों से पैसे उधार लेता था जिन्हें वह वापस नहीं करता था।

करीब डेढ़ महीने पहले उसी जूनियर अधिकारी ने उसके खराब व्यवहार को लेकर उसे काम से निकालने की सलाह दी थी। इसके बाद, जब आईआरएस अधिकारी को इन बातों का पता चला, तो उन्होंने करीब एक महीने पहले उसे नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस का मानना है कि शुरुआती तौर पर नौकरी से निकाले जाने का गुस्सा भी इस अपराध की एक वजह हो सकता है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही असली मकसद साफ हो पाएगा।

सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से आरोपी की गतिविधियों का पूरा समय स्पष्ट हो गया है। वह सुबह करीब 6:30 बजे कॉलोनी में दाखिल हुआ और लगभग 6:49 बजे घर के अंदर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसे सुबह करीब 7:20 बजे वहां से निकलते हुए देखा गया।

पुलिस के अनुसार, अमर कॉलोनी के कैलाश हिल्स इलाके में रहने वाले आईआरएस अधिकारी और उनकी पत्नी सुबह जिम गए हुए थे। जब वे सुबह करीब 8 बजे घर लौटे, तो उन्होंने अपनी बेटी को फर्श पर बेहोश पड़ा पाया। उसे तुरंत न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) क्षेत्र के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और पुलिस को सूचना दी।

यह वारदात किस हद तक पूर्व नियोजित थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नौकरानी छुट्टी पर थी और आरोपी को यह बात पता थी। उसे यह भी जानकारी थी कि घरेलू सहायकों के लिए घर की एक अतिरिक्त चाबी कहां रखी जाती है। उसी अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल करके वह अंदर घुसा और सीधे ऊपर की मंजिल पर गया, जहां लड़की का कमरा था।

अपराध के बाद की घटनाएं जांचकर्ताओं को और भी ज्यादा विचलित करने वाली लगीं। आरोपी कथित तौर पर बेहोश लड़की को सीढ़ियों से नीचे घसीट कर लाया और उसकी उंगली का उपयोग करके बायोमेट्रिक लॉकर खोलने का प्रयास किया। खून से सने होने या रक्त संचार न होने के कारण स्कैनर ने काम नहीं किया।

इसके बाद उसने औजारों की मदद से लॉकर तोड़ दिया और घर से करीब 2.5 लाख रुपये नकद तथा अन्य कीमती सामान लूट लिया। वहां से भागने से पहले, पहचान से बचने के लिए उसने अपनी शर्ट वहीं छोड़ दी और घर में रखे दूसरे कपड़े और जूते पहन लिए।

इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक टीमें बनाईं। इन टीमों को दिल्ली के अलावा राजस्थान के राजगढ़, अलवर, जयपुर और दौसा में तैनात किया गया, जहां आरोपी के छिपे होने की आशंका थी। आखिरकार उसे दिल्ली के द्वारका स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। जेसीपी ने बताया कि मामले में मजबूत सबूत जुटाए गए हैं और अदालत में एक विस्तृत मामला पेश किया जाएगा ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिल सके। पुलिस अपनी फोरेंसिक जांच जारी रखे हुए है।

यह मामला घरों के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के एक बड़े और अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले खतरे को उजागर करता है। कई घरों में सहायकों को बिना किसी औपचारिक जांच के काम पर रख लिया जाता है और उन्हें घर में पूरी छूट दे दी जाती है। धीरे-धीरे वे परिवार की दिनचर्या, सुरक्षा प्रणालियों और कीमती सामानों के स्थानों से परिचित हो जाते हैं, जो समय के साथ एक गंभीर सुरक्षा जोखिम बन जाता है।

इस मामले में आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था जिसे घर में सेंध लगानी पड़ी हो, बल्कि वह एक ऐसा व्यक्ति था जिसे घर के हर प्रवेश द्वार और परिवार के रूटीन की पूरी जानकारी थी।

इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं से बचने के लिए हर परिवार को अनुशासन और सतर्कता बरतनी चाहिए। बिना पुलिस सत्यापन के या असत्यापित एजेंसियों के जरिए कभी भी किसी को काम पर नहीं रखना चाहिए। मौखिक सिफारिशों पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। घरेलू कर्मचारियों को घर के सभी कमरों, विशेष रूप से शयनकक्षों, अध्ययन क्षेत्रों और स्टोर रूम तक बेरोकटोक जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

इसके अलावा, अपने दैनिक रूटीन, यात्रा की योजनाओं, लॉकर के पासकोड या कीमती सामान की जानकारी उनके साथ साझा करने से बचना चाहिए।

प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ सामान्य क्षेत्रों में काम करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना सुरक्षा और सबूत दोनों के लिहाज से जरूरी है। चाबियां, बायोमेट्रिक एक्सेस या अलार्म कोड तब तक साझा नहीं किए जाने चाहिए जब तक कि बहुत जरूरी न हो। यदि किसी कर्मचारी को काम से हटाया जाता है, तो तुरंत चाबियां वापस लेनी चाहिए, एक्सेस कोड बदलने चाहिए और सोसायटी की सुरक्षा टीम को सतर्क कर देना चाहिए।

कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नजर रखना आवश्यक है। यदि कोई कर्मचारी अक्सर दूसरों से पैसे उधार मांगता है, आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि या दिनचर्या के बारे में बहुत ज्यादा पूछताछ करता है, तो उस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध व्यवहार पर कार्रवाई करने में देरी नहीं करनी चाहिए और कर्मचारियों को घर के निजी क्षेत्रों में बिना निगरानी के घूमने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

सोसायटी प्रबंधन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा केबिन घरेलू सहायकों के लिए अड्डे न बनें, जहां वे एक-दूसरे से जानकारी साझा करते हों। इस घटना से सबसे बड़ा सबक यही मिलता है कि बायोमेट्रिक लॉकर तकनीक की किसी कमी के कारण नहीं, बल्कि घर के अंदर मौजूद एक पूर्व-परिचित खतरे के कारण टूटा। सुरक्षा का मतलब केवल मजबूत प्रणालियां नहीं है, बल्कि नियंत्रित पहुंच और निरंतर सतर्कता है।

पूरे भारत में पुलिस को घर-घर जाकर घरेलू सहायकों के पंजीकरण का एक व्यापक अभियान शुरू करना चाहिए। हालांकि यह एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह अपराधों पर लगाम लगाने और उनकी अधिक प्रभावी ढंग से जांच करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

यह भी पढ़ें-

शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर 4.04 करोड़ की ठगी, लायंस क्लब इंटरनेशनल का पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

सफेद साड़ी वाली महिला बनाम सुनहरे सूट वाले पुरुष: बंगाल की दिलचस्प राजनीतिक जंग

Your email address will not be published. Required fields are marked *