प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक यह एक्सप्रेसवे साढ़े तीन साल से भी कम समय में बनकर तैयार हुआ है। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के पूर्वी क्षेत्र प्रयागराज से जोड़ता है।
छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। यह 12 जिलों और 519 गांवों से होकर गुजरता है, जिससे करीब 8 करोड़ लोगों को सीधा फायदा होगा। इसके शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज का सफर 11 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह गया है। इस दौरान यात्रा के समय के साथ-साथ लगभग 30 प्रतिशत ईंधन की भी बचत होगी।

इस परियोजना का करीब 80 प्रतिशत (464 किलोमीटर) हिस्सा अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सड़क निर्माण इकाई अडाणी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (एआरटीएल) ने बनाया है। इसके लिए निर्माण के चरम पर 12,000 से अधिक कामगारों को तैनात किया गया था। वहीं, शेष 20 प्रतिशत (130 किलोमीटर) का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया गया है।
सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस एक्सप्रेसवे पर एआई (AI) आधारित कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं, जो हादसों को रोकने के लिए एडवांस अलर्ट देंगे। इसके अलावा, शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) विकसित किया गया है। यह भारतीय वायुसेना के विमानों की लैंडिंग की सुविधा देकर इस कॉरिडोर की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमान के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे से सालाना 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक बचत होगी। इसके अलावा अगले एक दशक में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 3 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट माल ढुलाई को तेज करेगा और राज्य की जीडीपी में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा।
सरकार इन 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) में 11 औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित कर रही है। इससे व्यापार और कृषि उपज की आवाजाही तेज होगी। किसानों और छोटे व्यवसायों को बाजार तक बेहतर पहुंच और उपज की सही कीमत मिलने का लाभ मिलेगा।
यह कॉरिडोर आध्यात्मिक पर्यटन की अर्थव्यवस्था को भी भारी बढ़ावा देगा। यह गढ़मुक्तेश्वर, कल्किधाम, बेल्हादेवी, चंद्रिका (शक्तिपीठ) और त्रिवेणी संगम जैसे 7 प्रमुख पर्यटन व धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ेगा। कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे पूर्वी यूपी की आर्थिक क्षमता को खोलेगा और पूरे राज्य के सतत आर्थिक विकास का आधार बनेगा।
यह भी पढ़ें-
ऊर्जा ही भारत के मजबूत भविष्य का आधार है, देश को 2,000 गीगावाट नई क्षमता की जरूरत: सागर अडानी
इंदौर कारोबारी हत्याकांड: पत्नी सोनम को जमानत मिलने से परिवार सदमे में, की CBI जांच की मांग







