अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) की मंगलवार को हुई सामान्य बोर्ड बैठक में शहर के जलभराव के मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। इस दौरान कांग्रेस पार्षद शहजाद खान पठान ने सत्ता पक्ष पर तीखा तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है, तो शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ता है, लेकिन अगर पूरा अहमदाबाद शहर ही ‘लीक’ हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी किस पर तय होनी चाहिए?
पठान ने करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद बार-बार होने वाले जलभराव पर कड़ा ऐतराज जताया और इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनके इस बयान के बाद जल एवं सीवेज समिति के अध्यक्ष धरमशी देसाई के साथ उनकी तीखी बहस छिड़ गई। देसाई ने अपना बचाव करते हुए दावा किया कि शहर में जलभराव की समस्या पहले से काफी कम हो गई है।
समिति अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि पूरे शहर में पानी नहीं भरा था और जहां ऐसी स्थिति बनी भी, वहां से पानी तुरंत निकल गया। वहीं एएमसी में विपक्ष के पूर्व नेता रहे पठान ने शहर के स्टॉर्मवाटर ड्रेनेज नेटवर्क की खामियों को मजबूती से उजागर किया। उन्होंने कठवाड़ा के मधुमालती अपार्टमेंट, वेजलपुर के श्रीनंदनगर और बोडकदेव के महिला तालाब के पास बार-बार आने वाली बाढ़ का विशेष रूप से जिक्र किया।
देसाई ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पार्षदों और अधिकारियों की सालों की मेहनत से स्थिति में सुधार आया है, जिसके लिए वे तारीफ के हकदार हैं। इस पर पलटवार करते हुए पठान ने देसाई पर जनता की जमीनी परेशानियों को नकारने का आरोप लगाया। कांग्रेस पार्षद ने यहां तक कह दिया कि अगर अध्यक्ष का यह बयान टीवी पर लाइव दिखाया जाए, तो लोग हम सभी पर जूते फेंकेंगे क्योंकि वह सरासर झूठ बोल रहे हैं।
जलभराव के बाद बोर्ड बैठक का मुद्दा सड़कों के धंसने (केव-इन) की ओर मुड़ गया। जल एवं सीवेज समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस मानसून में अब तक सड़क धंसने के केवल 15 मामले ही सामने आए हैं, जिसे उन्होंने एक बहुत छोटा आंकड़ा करार दिया।
इस आंकड़े पर चिंता जताते हुए पठान ने याद दिलाया कि मानसून की तो अभी बस शुरुआत ही हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी सौ से अधिक ऐसी घटनाएं दर्ज की गई थीं। कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि बारिश का मौसम खत्म होने तक शहर एक बार फिर सड़क धंसने का “शतक” लगा सकता है।
दरियापुर वार्ड से कांग्रेस पार्षद नीरव बख्शी ने भी नागरिक कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूरे शहर में बने गड्ढों का जिक्र करते हुए इसे खराब काम और भ्रष्टाचार का सीधा नतीजा बताया। बख्शी ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट्स में होने वाले भ्रष्टाचार के कारण ही काम में गुणवत्ता नहीं आ पाती, जिससे शहर को जलभराव जैसी भयानक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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