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सावधान! 80 के दशक वाली AI फोटो का ट्रेंड बन सकता है खतरा, जानें आपके डेटा का क्या करते हैं चैटबॉट?

| Updated: September 12, 2026 15:43

80 के दशक वाली AI तस्वीरों का मज़ा कहीं आपकी निजता के लिए सजा न बन जाए। जानें कि चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे ऐप्स पर अपनी फोटो अपलोड करने से आपका व्यक्तिगत डेटा कैसे खतरे में पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर इन दिनों पुरानी यादों को ताजा करने का जबरदस्त चलन है। 80 के दशक वाली एआई (AI) तस्वीरों का ट्रेंड बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, यह कोई नई बात नहीं है, आपको ‘गिब्लिफाई’ (Ghiblify) तो याद ही होगा। इन सभी ट्रेंड्स में यूजर्स से अपनी तस्वीरों को एक नए और आकर्षक अंदाज में ढालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद लेने को कहा जाता है। चेरी-रेड कॉन्टेसा कार पर स्टाइलिश अंदाज में बैठे अपने युवा रूप को देखना यकीनन किसी के लिए भी एक लुभावना विचार है।

आपकी सामान्य सी तस्वीर को एक जादुई रूप देने में बस कुछ ही सेकंड लगते हैं। यह काफी मजेदार है और लाखों लोग इसे आजमा भी रहे हैं। लेकिन इस मजे के पीछे एक गहरी चिंता भी छिपी है, जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर रहे हैं। हाल ही में आई एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट ने बिना सोचे-समझे एआई चैटबॉट्स पर तस्वीरें अपलोड करने के बड़े खतरों की ओर ध्यान खींचा है।

कई यूजर्स को लग सकता है कि यह उनके फोन की गैलरी में मौजूद सैकड़ों तस्वीरों में से बस एक फोटो है। लेकिन यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं है। आसान शब्दों में समझें तो जब आप चैटजीपीटी (ChatGPT), जेमिनी (Gemini) या किसी अन्य एआई ऐप पर अपनी सेल्फी अपलोड करते हैं, तो आप उन्हें सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि अपना कीमती डेटा सौंप रहे होते हैं।

हर तस्वीर में छिपा हुआ मेटाडेटा होता है। इसमें फोटो खींचने का समय, इस्तेमाल किया गया डिवाइस और लोकेशन जैसी जरूरी जानकारियां शामिल होती हैं। चूंकि हर इंसान का चेहरा उसकी एक विशिष्ट पहचान है, इसलिए जैसे ही कोई तस्वीर आपकी पहचान उजागर करती है, वह तुरंत आपके व्यक्तिगत डेटा की श्रेणी में आ जाती है।

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) अबू धाबी की साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ क्रिस्टीना पॉपर ने खुलासा किया है कि एआई सिस्टम एक ही समय में कई स्तरों पर जानकारी इकट्ठा करते हैं। इसमें मुख्य रूप से वह सब शामिल होता है जो आप टाइप करते हैं और अपलोड करते हैं।

इसके अलावा सिस्टम आपके बारे में कई अन्य चीजें भी निकाल लेता है। इसमें आपके आईपी एड्रेस, डिवाइस का प्रकार और बाद में सेव होने वाली फाइलें या प्रतिक्रियाएं भी शामिल हैं। सीधे शब्दों में कहें तो किसी ट्रेंड के लिए एक तस्वीर अपलोड करके, आप असल में अपनी बहुत सारी निजी जानकारी शेयर कर रहे हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि एआई से बनी वह आकर्षक तस्वीर कुछ ही दिनों में आपके सोशल मीडिया फीड से गायब हो सकती है। लेकिन, इसे बनाने के लिए अपलोड की गई असली फोटो आपकी सोच से कहीं ज्यादा समय तक इंटरनेट पर मौजूद रह सकती है।

यह पूरी तरह से एआई कंपनी के डेटा नियमों पर निर्भर करता है। रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी तब तक आपकी चैट सुरक्षित रखता है जब तक आप उसे डिलीट नहीं करते। अकाउंट से पहचान हटा दिए जाने पर भी वे ओपनएआई (OpenAI) के सर्वर पर 30 दिन या उससे ज्यादा समय तक रह सकते हैं।

वहीं, जेमिनी डिफॉल्ट रूप से 18 महीने तक चैट डेटा को स्टोर करके रखता है। क्लॉड (Claude) एंथ्रोपिक (Anthropic) के बैक-एंड से डिलीट की गई चैट्स को 30 दिनों के भीतर हटा देता है। हालांकि, अगर यूजर ने अपनी चैट का इस्तेमाल एआई मॉडल की ट्रेनिंग के लिए करने की अनुमति दी है, तो पहचान छुपाकर उसकी कॉपी पांच साल तक रखी जा सकती है।

इन सब बातों का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि 80 के दशक वाले मेकओवर की आपकी फोटो लीक हो जाएगी या उसका दुरुपयोग होगा ही। इसका सीधा सा अर्थ बस इतना है कि अब आपके चेहरे की एक और कॉपी किसी एआई कंपनी के सर्वर पर उनके अपने नियमों के तहत सुरक्षित हो गई है।

लंबी अवधि में यह रिपोर्ट बताती है कि इन टूल्स का साधारण इस्तेमाल भी चुपचाप यूजर की एक विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर सकता है। इसका मतलब है कि भले ही आपका नाम न जुड़ा हो, लेकिन आपने जो अपलोड किया या पूछा, उसके पैटर्न से आपकी आदतों, रुचियों या पेशे का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

अब जबकि एआई उपकरण ईमेल, शॉपिंग और फोटो एल्बम तक पहुंच के साथ हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बनते जा रहे हैं, तो उनके आस-पास मौजूद डेटा और भी मूल्यवान तथा खतरे के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।

अब सवाल यह है कि आप खुद को कैसे सुरक्षित रखें। सबसे व्यावहारिक सलाह यही है कि ऐसे किसी भी ट्रेंड से बचें जिसमें पहचान पत्र या अत्यधिक व्यक्तिगत तस्वीरें मांगी जाती हों। दूसरों की, खासकर बच्चों की तस्वीरें उनकी अनुमति के बिना अपलोड करने से बचें।

जिन ऐप्स की सेटिंग्स में एआई मॉडल ट्रेनिंग का विकल्प मौजूद है, उसे तुरंत बंद कर दें। किसी भी संवेदनशील जानकारी के लिए अस्थायी या गुप्त (इनकॉग्निटो) चैट मोड का उपयोग करने की कोशिश करें और उन पुरानी चैट्स और फाइलों को डिलीट कर दें जिनकी अब आपको कोई जरूरत नहीं है।

अंततः, एआई चैटबॉट्स हर दिन इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य ऐप्स की तुलना में जरूरी नहीं कि ज्यादा खतरनाक हों। सच्चाई बस इतनी सी है कि वे पूरी तरह से निजी भी नहीं हैं।

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