दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) ने बुधवार को एक बेहद अहम घोषणा की है। इस अमेरिकी कंपनी ने भारत में अपने पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा सेंटर के निर्माण के लिए भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के साथ हाथ मिलाया है।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, रिलायंस पश्चिमी भारतीय राज्य गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट (MW) क्षमता वाले एक विशाल डेटा सेंटर का निर्माण करेगी। मेटा इस नवनिर्मित ढांचे को पट्टे (lease) पर लेगी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुसार इसकी क्षमता को और अधिक बढ़ाने का विकल्प भी सुरक्षित रखा गया है।
मेटा का स्पष्ट रूप से मानना है कि भारत का विशाल यूजर बेस और तेजी से विकसित होती डिजिटल अर्थव्यवस्था इसे निवेश के लिए दुनिया का एक सबसे आदर्श स्थान बनाते हैं।
प्रसिद्ध कंसल्टिंग फर्म आईमार्क ग्रुप (IMARC Group) के अनुमानों पर गौर करें तो, भारत का डेटा सेंटर बाजार 2034 तक लगभग दोगुना होकर 13.11 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड तकनीक को तेजी से अपनाना और एआई (AI) के बढ़ते वर्कलोड जैसी वजहें शामिल हैं।
यह दोनों कारोबारी दिग्गजों के बीच कोई पहली साझेदारी नहीं है। पिछले साल अगस्त में ही, मेटा और रिलायंस ने भारतीय उद्यमों के लिए एआई प्लेटफॉर्म और टूल्स विकसित करने के लिए एक संयुक्त उद्यम (joint venture) की स्थापना की थी। इस प्रोजेक्ट में मेटा के बेहतरीन ‘लामा’ (Llama) मॉडल का उपयोग किया जा रहा है।
इस संयुक्त पहल के लिए रिलायंस और मेटा ने मिलकर 8.55 अरब रुपये ($89.67 मिलियन) के प्रारंभिक निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी। इस बड़े निवेश में रिलायंस की 70 प्रतिशत और मेटा की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी तय की गई थी।
इससे पहले साल 2020 में भी, मेटा ने रिलायंस की प्रमुख इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) में 5.7 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया था। वर्तमान वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, इस रिपोर्ट में एक अमेरिकी डॉलर का मूल्य 95.3500 भारतीय रुपये आंका गया है।
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