अमेरिका में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 19 मई को एक 30 वर्षीय गुजराती महिला को करोड़ों रुपये के एक बड़े फ्रॉड में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह महिला अमेरिका की सक्रिय ग्रीन कार्ड होल्डर है।
इस महिला पर एक 74 वर्षीय बुजुर्ग के साथ 3 मिलियन डॉलर से अधिक के सोने की ठगी में कूरियर के रूप में काम करने का आरोप है। बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले इस तरह के अपराधों में इस उम्र की ग्रीन कार्ड धारक महिला का पकड़ा जाना एक बेहद दुर्लभ घटना मानी जा रही है।
जांचकर्ताओं का दावा है कि यह महिला इंडियाना, इलिनोइस और विस्कॉन्सिन में कम से कम 15 इसी तरह की धोखाधड़ी वाली डिलीवरी के मामलों में वांछित थी। वह गुजरात में बैठे एक ‘पारिवारिक मित्र’ के निर्देशों पर यह सारा काम कर रही थी।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी महिला को एफबीआई (FBI) एजेंटों ने इंडियाना के फ्रैंकलिन में एक शराब की दुकान के बाहर सोने की डिलीवरी लेते समय रंगे हाथों पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि वह ‘अमेरिकी मार्शल’ का रूप धारण करके लगभग 500,000 डॉलर कीमत के सोने के सिक्के लेने पहुंची थी।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब इंडियाना के कैम्बी में अपनी बहन के साथ रहने वाली एक 74 वर्षीय बुजुर्ग के कंप्यूटर पर एक पॉप-अप वार्निंग आई। इस मैसेज में दावा किया गया था कि उनकी पहचान (आइडेंटिटी) खतरे में है।
इसके बाद जालसाजों ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारी बनकर महिला से संपर्क किया। उन्होंने बुजुर्ग को अपनी सारी जीवन भर की बचत को “सरकारी सुरक्षा” के नाम पर सोने में बदलने और उन्हें सौंपने के लिए मना लिया।
एफबीआई को इस बड़ी ठगी की भनक तब लगी जब एक सिक्का व्यापारी (कॉइन डीलर) को सोने की एक और बड़ी खरीदारी पर शक हुआ। तब तक पीड़िता सोने पर 3 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर चुकी थी।
शिकायत मिलने के बाद एजेंटों ने एक स्टिंग ऑपरेशन की योजना बनाई। उन्होंने तय समय पर डिलीवरी लेने आई आरोपी महिला को वहीं हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान, महिला ने कथित तौर पर कबूल किया कि वह अमेरिका के बाहर से संचालित होने वाले एक बड़े फ्रॉड सिंडिकेट के लिए कूरियर का काम करती थी। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि इस पूरे घोटाले के मुख्य हैंडलर्स में गुजरात का रहने वाला उसका एक पारिवारिक मित्र भी शामिल था।
महिला के मोबाइल फोन की तलाशी में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। फोन में कम से कम 15 डिलीवरी से जुड़े बुजुर्ग पीड़ितों की तस्वीरें, रूट मैप और पिकअप के निर्देश पाए गए हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि इन असाइनमेंट को पूरा करने के लिए महिला को लगभग 10,000 डॉलर की कमाई हुई थी।
बता दें कि यह महिला साल 2020 में भारत से अमेरिका गई थी। अब उस पर धोखाधड़ी, चोरी और एक सार्वजनिक अधिकारी का रूप धारण करने का आरोप लगाया गया है।
फिलहाल वह 500,000 डॉलर के नकद बांड (कैश बॉन्ड) पर जॉनसन काउंटी जेल में बंद है। इस मामले की आगे की जांच जारी है।
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