गुजरात के मेहसाणा जिले में एक कथित वायरल ऑडियो क्लिप ने नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। यह ऑडियो विजापुर के विधायक सीजे चावड़ा का बताया जा रहा है। इस क्लिप के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर की गुटबाजी और दलबदल के लिए पैसों के इस्तेमाल के आरोपों पर बहस काफी तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस कथित ऑडियो में चावड़ा को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए उन्हें 2 करोड़ रुपये दिए गए थे।
हालांकि, अभी तक इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। खबर लिखे जाने तक खुद सीजे चावड़ा की ओर से भी इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सीजे चावड़ा ने 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में विजापुर सीट से जीत दर्ज की थी। पाटीदार आंदोलन के दौरान उन्हें पूर्व कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल का बेहद करीबी माना जाता था। उस वक्त चावड़ा ने मेहसाणा जिले की राजनीति में एक प्रभावशाली युवा ओबीसी चेहरे के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।
लेकिन साल 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चावड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया। उनका यह कदम राज्य में कांग्रेस संगठन के लगातार कमजोर होने का एक बड़ा संकेत था। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा थी कि बीजेपी ने उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया था, लेकिन बाद में पार्टी अपने वादे से मुकर गई।
दलबदल के बाद बीजेपी ने उन्हें विजापुर से ही अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में चावड़ा ने भगवा परचम लहराते हुए अपनी सीट को बरकरार रखा।
अब इस विवादित क्लिप में चावड़ा कथित तौर पर यह कहते सुने जा रहे हैं कि जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ी और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा, तो उन्हें 2 करोड़ रुपये की रकम दी गई थी।
इस कथित बातचीत में आगे यह भी दावा किया गया है कि सामान्य परिस्थितियों में उम्मीदवारों को चुनाव से जुड़ी जो आर्थिक मदद मिलती है, वह 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होती है।
कांग्रेस छोड़ने से पहले दो करोड़ रुपये मिलने के इस कथित दावे ने गुजरात की राजनीति में खलबली मचा दी है। इससे चुनाव प्रचार और दलबदल में वित्तीय प्रलोभन की भूमिका को लेकर एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मेहसाणा जिले के बीजेपी नेताओं से जुड़े कई कथित ऑडियो क्लिप एक के बाद एक लीक हो रहे हैं।
इसी हफ्ते पार्षद चंद्रकांत पटेल का भी एक कथित ऑडियो वायरल हुआ था। इस क्लिप में वह कथित तौर पर यह दावा करते सुने गए थे कि गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल का राजनीतिक करियर अब “खत्म” हो चुका है।
यह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि एक और कथित ऑडियो क्लिप सामने आ गया। इसमें राज्यसभा सांसद मयंक नायक को कथित तौर पर “जीरो” कहा गया था। इन घटनाओं ने जिला बीजेपी इकाई के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी की अटकलों को और ज्यादा हवा दे दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर गुजरात में स्थानीय बीजेपी नेतृत्व के बीच बढ़ता असंतोष और सत्ता का संघर्ष ही इन ऑडियो क्लिप के बार-बार लीक होने की मुख्य वजह है।
राजनीतिक सूत्रों का अनुमान है कि चावड़ा से जुड़ा यह कथित रिकॉर्डिंग स्थानीय निकाय चुनावों के समय का हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी भी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
पार्टी की अंदरूनी बातचीत और रिकॉर्डिंग के इस तरह बार-बार लीक होने से गुजरात बीजेपी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर इसलिए क्योंकि ये क्लिप व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी तेजी से लोगों तक पहुंच रहे हैं।
दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं ने इस पूरे विवाद को हाथों-हाथ लिया है। विपक्ष अब चुनावों से ठीक पहले चुने हुए प्रतिनिधियों के पाला बदलने की बढ़ती प्रवृत्ति और राजनीतिक दलबदल की नैतिकता पर गंभीर सवाल उठा रहा है।
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