अहमदाबाद: गुजरात में इन दिनों पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की मांग में मौसमी उछाल देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद राज्य भर में इनकी सप्लाई में कोई भी रुकावट नहीं आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने मंगलवार को यह साफ किया है कि ग्राहकों को ईंधन की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, मांग में यह बढ़ोतरी काफी उल्लेखनीय है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने बताया कि इस साल मई महीने में पेट्रोल की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वहीं, इसी अवधि के दौरान डीजल की बिक्री भी 41 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
अधिकारियों का कहना है कि डीजल की खपत में इस तेज उछाल की मुख्य वजह कृषि गतिविधियों में आई तेजी है। राज्य के कई जिलों में किसान बुवाई के लिए अपने खेतों को तैयार करने में जुटे हैं, जिससे ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों के लिए ईंधन की जरूरत बढ़ी है। ऐसे में कृषि और घरेलू उपयोग, दोनों के लिए ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के खातिर लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की कड़ी निगरानी की जा रही है।
कंपनियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बनासकांठा, साबरकांठा, जूनागढ़, भावनगर, वलसाड, नवसारी, खेड़ा, आणंद और अमरेली जैसे जिलों के उपभोक्ताओं ने पुष्टि की है कि सरकारी पेट्रोल पंपों पर डीजल बिना किसी रुकावट के मिल रहा है। इन क्षेत्रों में कहीं भी ईंधन की किल्लत जैसी कोई स्थिति नहीं है।
इन सब के बीच, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचने की अपील की है। कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि देश भर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इसकी सप्लाई आगे भी पूरी तरह से स्थिर रहेगी।
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