गांधीनगर: गुजरात सरकार ने मंगलवार को एक अहम घोषणा की है। पिछले साल 12 जून को हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे वाली जगह पर अब एक अत्याधुनिक सुविधाओं वाला नया हॉस्टल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने बताया कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए टाटा एयरलाइंस की ओर से राज्य सरकार को 53.12 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस निर्माण कार्य का बाकी खर्च राज्य सरकार खुद उठाएगी, जिसके लिए बजट में पहले ही प्रावधान किया जा चुका है।
मंत्री पानशेरिया के अनुसार, नए हॉस्टल कॉम्प्लेक्स के निर्माण से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया आने वाले कुछ हफ्तों में पूरी कर ली जाएगी। सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट का काम एक साल की समयावधि के भीतर संपन्न हो जाएगा।
यह नया निर्माण मेघानीनगर स्थित न्यू मेंटल हॉस्पिटल कैंपस में किया जाएगा। दरअसल, विमान क्रैश के कारण यहां मौजूद ‘अतुल्यम हॉस्टल कॉम्प्लेक्स’ के चार ब्लॉक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। सरकार के मुताबिक, अब इनकी जगह कुल सात नए ब्लॉक बनाए जाएंगे और हर इमारत भूतल के अलावा आठ मंजिला (G+8) ऊंची होगी।
पुराने हॉस्टल के चार ब्लॉक, कैंटीन और एक सबस्टेशन बिल्डिंग का बाकायदा स्ट्रक्चरल ऑडिट किया गया था। इस ऑडिट रिपोर्ट में इन इमारतों को रहने के लिहाज से पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया गया, जिसके बाद इन्हें ढहाना अपरिहार्य हो गया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद अगले तीन वर्षों में कुल 236 डॉक्टरों को आवास सुविधा प्रदान करेगा। इनमें सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टर और मेडिकल छात्र शामिल होंगे। यह सातों नए ब्लॉक उसी जमीन पर बनेंगे जिसे पूर्व में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए आवंटित किया गया था।
हॉस्टल ब्लॉक और सबस्टेशन की डिजाइन पहले ही तैयार की जा चुकी है और जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। प्रत्येक फ्लैट को स्टूडियो अपार्टमेंट के तर्ज पर बेहद आकर्षक ढंग से डिजाइन किया जाएगा। इसमें एक लिविंग रूम, अटैच्ड किचन, एक बेडरूम और शौचालय की सुविधा मौजूद होगी।
सरकार की योजना के मुताबिक, इस कैंपस में रहने वाले छात्रों को कई बेहतरीन और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें बेसमेंट में विशाल पार्किंग, अविवाहित पीजी छात्रों के लिए अलग आवास, एक आधुनिक मेस, जिम, मनोरंजन कक्ष (रिक्रिएशन रूम) और मनमोहक लैंडस्केपिंग शामिल हैं।
इसी बीच, एयर इंडिया (AI171) विमान दुर्घटना के शिकार हुए कुछ पीड़ितों के परिवारों ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। इन परिवारों ने मंगलवार को भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है। एक ईमेल के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि इस जगह को उन लोगों की याद में सुरक्षित रखा जाए जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई थी।
पीड़ित परिवारों ने अपने ईमेल में लिखा है कि वे सम्मानपूर्वक लेकिन दृढ़ता के साथ यह अनुरोध करते हैं कि इस स्थान को किसी अन्य सार्वजनिक सुविधा में बदलने के बजाय पीड़ितों को समर्पित एक स्मारक के रूप में संरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि एक स्मारक न केवल परिवारों के लिए याद का स्थान होगा, बल्कि यह खोए गए जीवन और सुरक्षा व जवाबदेही के महत्व की एक स्थायी सार्वजनिक स्वीकृति भी बनेगा। परिवारों ने मांग की है कि इस स्थान के भविष्य को लेकर कोई भी अपरिवर्तनीय फैसला लेने से पहले सरकार और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से परामर्श जरूर करना चाहिए।
इस विरोध और स्मारक बनाने के सुझावों पर मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि कुछ हलकों से यह सुझाव जरूर आया है कि पीड़ितों की याद में क्रैश साइट पर एक स्मारक बनाया जाए। लेकिन सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि आवंटित जमीन के इस टुकड़े का उपयोग केवल और केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए ही किया जाना है।
गौरतलब है कि पिछले साल 12 जून को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया का विमान (AI171) क्रैश हो गया था। अहमदाबाद से लंदन जा रहे इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से इसमें सवार 242 लोगों और जमीन पर मौजूद 18 अन्य लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
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