अहमदाबाद में रथयात्रा के पावन अवसर के साथ ही ऑटोमोबाइल डीलरों के लिए त्योहारी सीजन की शानदार शुरुआत हो गई है। इस बार रथयात्रा के शुभ मुहूर्त पर कारों की बिक्री ने टॉप गियर पकड़ लिया है। शहर के डीलरों ने इस साल 1,450 वाहनों की डिलीवरी तय की है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1,050 था।
यह 38 प्रतिशत की वृद्धि पिछले तीन सालों में सबसे तेज है। लगातार दो वर्षों की सुस्त बिक्री के बाद इस जबरदस्त उछाल ने डीलरों को त्योहारी सीजन की एक बहुत ही मजबूत शुरुआत दी है।
केवल कारें ही नहीं, बल्कि दोपहिया वाहनों का बाजार भी इस दौरान तेजी से बढ़ा है। पिछले साल बेची गई 5,500 इकाइयों की तुलना में इस बार दोपहिया वाहनों की बिक्री 31 प्रतिशत बढ़कर 7,200 यूनिट हो गई। बाजार के जानकारों का कहना है कि हर कीमत वर्ग के वाहनों की भारी मांग देखी जा रही है। हालांकि, प्रतिशत वृद्धि के मामले में चौपहिया वाहनों ने दोपहिया वाहनों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
शहर की एक कार डीलरशिप के सीईओ जिगर व्यास बताते हैं कि कुछ मॉडलों में सप्लाई की कमी के बावजूद, एंट्री-लेवल से लेकर हाई-एंड कारों तक सभी सेगमेंट में मजबूत मांग बनी हुई है। उनके अनुसार, ईंधन आपूर्ति की चिंताओं और ‘अधिक मास’ के कारण अप्रैल और मई के महीने में बाजार अपेक्षाकृत सुस्त था, क्योंकि लोग इस दौरान बड़ी खरीदारी करने से बचते हैं।
अब वही रुकी हुई मांग बिक्री के रूप में सामने आ रही है। व्यास ने यह भी कहा कि रथयात्रा का त्योहार ऑटोमोबाइल बाजार की दिशा तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। इस बेहतरीन शुरुआत ने डीलरों को आने वाले साल के लिए काफी उम्मीदें दी हैं।
इस त्योहारी उछाल में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल रथयात्रा पर 600 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई थी, जो इस साल 58 प्रतिशत की भारी वृद्धि के साथ लगभग 950 यूनिट के अनुमानित आंकड़े तक पहुंच गई है।
फाडा (FADA) गुजरात के चेयरपर्सन प्रणव शाह ने बताया कि जिन मॉडलों की बाजार में भारी मांग है, उन पर डीलरों द्वारा न के बराबर छूट दी गई। हालांकि, ज्यादातर दोपहिया वाहन बिना किसी वेटिंग पीरियड के 2,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक के डिस्काउंट पर उपलब्ध थे। वहीं, कारों पर यह छूट मॉडल और उसकी उपलब्धता के आधार पर 10,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये के बीच रही।
प्रणव शाह के मुताबिक, मांग में यह वृद्धि ग्रामीण और शहरी दोनों ही बाजारों में लगभग एक समान रही है। ग्राहकों के बीच एसयूवी (SUV) का क्रेज लगातार बरकरार है और इनकी मांग काफी ऊंची है।
इसके साथ ही, बाजार में ऑटोमैटिक कारों का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। फाडा के आंकड़ों के अनुसार, यात्री वाहनों की कुल बिक्री में ऑटोमैटिक कारों की हिस्सेदारी महज एक साल के भीतर 20 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
यह भी पढ़ें-
NEET-UG 2026 का परिणाम जारी, टॉप 50 में चमके अहमदाबाद के दो होनहार!
बुर्के में छिपाकर ला रही थी 34.3 लाख का सोना: अबू धाबी से आई महिला अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गिरफ्तार









