गुजरात के सूरत शहर में एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कम से कम 10 महिला फिजियोथेरेपिस्ट्स को मोबाइल फोन पर यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया है। इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाला आरोपी महाराष्ट्र का रहने वाला बताया जा रहा है, जो इलाज के बहाने इन महिला डॉक्टरों को लगातार अश्लील वीडियो भेज रहा था।
यह मानसिक प्रताड़ना पिछले करीब 15 दिनों से जारी थी। जब यह सिलसिला नहीं थमा, तो सूरत फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत साइबर क्राइम पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने एक पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब 24 जुलाई को ड्यूटी पर मौजूद एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट के पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले शख्स ने अपना नाम तुषार बताया। उसने डॉक्टर को झांसा दिया कि उसके एक रिश्तेदार, जो कि आर्थोपेडिक डॉक्टर हैं, उन्होंने उसे फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी है।
आरोपी ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट और अन्य जानकारियां वॉट्सऐप पर साझा करने की बात कही। कुछ ही देर बाद उसने अपना नाम, पता और बीमारी की डिटेल्स के साथ एक बेहद अश्लील वीडियो भेज दिया, जिसमें वह अपने निजी अंग दिखा रहा था। इसके बाद उसने महिला डॉक्टर से अपने शरीर के एक विशिष्ट हिस्से के दर्द के लिए ऑनलाइन इलाज की मांग शुरू कर दी।
जब महिला डॉक्टर ने इस हरकत पर आपत्ति जताई और उसे किसी पुरुष फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करने की सलाह दी, तो आरोपी बाज नहीं आया। वह लगातार अश्लील तस्वीरें भेजकर इलाज के लिए दबाव बनाता रहा। लगातार प्रताड़ित होने के बाद अंततः डॉक्टर ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।
जल्द ही यह बात सामने आ गई कि यह शख्स इसी तरह से कई अन्य महिला फिजियोथेरेपिस्ट्स को भी अपना निशाना बना चुका है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने साइबर क्राइम पुलिस को बताया कि आरोपी फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज और काउंसलिंग का बहाना बनाकर महिला डॉक्टरों को अश्लील वीडियो और वॉइस कॉल कर रहा था।
इस पूरे मामले पर साइबर क्राइम डीसीपी विशाखा जैन ने तत्काल प्रभाव से शिकायत दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने वॉट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉल की तकनीकी जांच की, जिसके आधार पर संदिग्ध की लोकेशन महाराष्ट्र में ट्रेस की गई है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र रवाना हो चुकी है, हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(1), 78(1) और 79 के तहत मामला दर्ज किया है। यह एफआईआर यौन उत्पीड़न, पीछा करने और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कृत्य करने के आरोप में दर्ज की गई है।
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