लंदन/मुंबई: भारत के रक्षा क्षेत्र में एक नए और आत्मनिर्भर युग की शुरुआत होने जा रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (रिलायंस) और रोल्स-रॉयस (LSE: RR., ADR: RYCEY) ने रक्षा क्षेत्र में एक बेहद अहम रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।
दोनों दिग्गज कंपनियों ने भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के लिए एक अत्याधुनिक, संप्रभु और स्वदेशी युद्धक इंजन के डिजाइन, विकास, उत्पादन और डिलीवरी के लिए एक साथ आने का ऐलान किया है।
इस ऐतिहासिक साझेदारी के तहत रिलायंस और रोल्स-रॉयस भारत में एक समर्पित एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स स्थापित करने की दिशा में काम करेंगे। यह कॉम्प्लेक्स भविष्य में पावर और प्रोपल्शन तकनीक के लिए भारत का एक प्रमुख उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनेगा।
यह गठजोड़ विश्व स्तरीय तकनीक और बेजोड़ औद्योगिक निर्माण क्षमता को एक ही मंच पर लाएगा। इससे भारत की धरती पर AMCA इंजन के संयुक्त विकास का एक बेहद शानदार अवसर पैदा हुआ है।
यह रणनीतिक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को भी तेजी से साकार करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है, जिसमें देश के फाइटर जेट प्रोग्राम को गति देने के लिए स्वदेशी इंजन से युक्त एक मजबूत रक्षा इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस साझेदारी पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने कहा कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए अत्याधुनिक तकनीकों में संप्रभु (अपना पूर्ण अधिकार) क्षमता का होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य रोल्स-रॉयस की उन्नत प्रोपल्शन तकनीक की वैश्विक विशेषज्ञता को रिलायंस की तकनीकी, विनिर्माण और निष्पादन क्षमता के साथ जोड़कर भारत में एक बेहतरीन स्वदेशी एयरो-इंजन इकोसिस्टम तैयार करना है।
अंबानी ने कहा कि उनका लक्ष्य मिलकर एक ऐसी स्थायी राष्ट्रीय क्षमता विकसित करना है जो भारत को आत्मनिर्भर बना सके और समय के साथ उन्नत प्रोपल्शन तकनीक में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सके। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर विकसित भारत’ के दृष्टिकोण में अपना एक बड़ा योगदान बताया।
वहीं, रोल्स-रॉयस पीएलसी के सीईओ तुफान एर्गिनबिलिच ने रिलायंस के साथ जुड़ने के इस शानदार मौके का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी रोल्स-रॉयस की एक सदी पुरानी उन्नत इंजीनियरिंग विरासत और प्रमाणित इंजन कौशल को भारतीय उद्योग में रिलायंस के स्वदेशी नेतृत्व के साथ गहराई से जोड़ती है।
एर्गिनबिलिच ने विश्वास जताया कि भारत में उनकी मौजूदा साझेदारी और क्षमताओं के साथ मिलकर उठाया गया यह कदम देश में एक मजबूत और आत्मनिर्भर एयरोस्पेस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
इंजन निर्माण में रोल्स-रॉयस के वैश्विक नेतृत्व और रिलायंस की स्थापित औद्योगिक ताकत का यह संगम अभूतपूर्व होगा। एयरो गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स डिजाइन, विकास, उत्पादन, परीक्षण और आजीवन समर्थन (थ्रू-लाइफ सपोर्ट) की संपूर्ण प्रक्रिया में एक पूर्णतः भारतीय क्षमता (एंड-टू-एंड) का निर्माण करेगा।
भविष्य में यह साझेदारी न केवल रक्षा क्षेत्र, बल्कि नागरिक एयरोस्पेस और नए पावर तथा प्रोपल्शन सिस्टम में भी व्यापक सहयोग के नए और बड़े रास्ते खोलेगी।
कुल मिलाकर, यह महा-गठबंधन तकनीक के स्वदेशीकरण के लिए भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को नई ताकत देगा और देश को उन्नत प्रोपल्शन क्षमताओं में एक वैश्विक लीडर के रूप में दृढ़ता से स्थापित करेगा।
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