comScore अनंत अंबानी ने बेजुबानों के लिए शुरू की 'चैंपियंस ऑफ केयर', 50 से अधिक संस्थाओं के साथ वनतारा का समझौता - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

अनंत अंबानी ने बेजुबानों के लिए शुरू की ‘चैंपियंस ऑफ केयर’, 50 से अधिक संस्थाओं के साथ वनतारा का समझौता

| Updated: October 6, 2026 12:21

रिलायंस के वनतारा की 'चैंपियंस ऑफ केयर' पहल से जुड़ीं 50 से अधिक संस्थाएं, हर साल 20 लाख बेजुबानों को मिलेगा नया जीवन।

जामनगर (गुजरात): विश्व पशु दिवस के अवसर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत एम. अंबानी ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने व्यावहारिक और स्थायी समाधानों के जरिए सामुदायिक पशु कल्याण को मजबूत करने के लिए वनतारा की नई राष्ट्रव्यापी पहल ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ लॉन्च की है।

इस पहल के तहत देश भर की 50 से अधिक पशु कल्याण संस्थाओं को एक मंच पर लाया गया है। ये सभी संस्थाएं सड़क पर रहने वाले कुत्तों, बिल्लियों और बड़े जानवरों की देखभाल के साथ-साथ पशु चिकित्सा, रेस्क्यू और दीर्घकालिक देखभाल की सेवाएं प्रदान करती हैं।

‘चैंपियंस ऑफ केयर’ का मुख्य विजन यह है कि हर सामुदायिक पशु सुरक्षा और सम्मान पाने का हकदार है। इसमें बेसहारा, काम करने वाले जानवर (जैसे गाय-भैंस, गधे, घोड़े) और रेस्क्यू किए गए पशु शामिल हैं, जिन्हें आश्रय, पोषण और निरंतर चिकित्सा की आवश्यकता होती है। कुत्तों और बिल्लियों के लिए पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम भी इसका एक अहम हिस्सा है।

इस विशेष सम्मेलन में देश में पशु कल्याण को बढ़ावा देने वाली वैधानिक संस्था ‘भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड’ (AWBI) के आठ सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। इस पहल के जरिए हर साल पूरे देश में लगभग 20 लाख जानवरों को चिकित्सा, बचाव, आश्रय और आहार के माध्यम से मदद पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

अनंत एम. अंबानी ने इस मौके पर कहा कि अनगिनत लोग सीमित संसाधनों के बावजूद अपार करुणा के साथ प्रतिदिन जरूरतमंद जानवरों की देखभाल कर रहे हैं। उनका यह निस्वार्थ कार्य हमें याद दिलाता है कि दया की कोई सीमा नहीं होती और हर जीवन सुरक्षा व गरिमा का हकदार है।

उन्होंने आगे कहा कि ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ के जरिए हम इन संस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना चाहते हैं। हमारा मकसद पशुओं के लिए उपलब्ध देखभाल को मजबूत करना और एक अधिक संवेदनशील भारत का निर्माण करना है। उनके अनुसार, ‘एवरी लाइफ मैटर्स’ (हर जीवन अनमोल है) का यही सच्चा अर्थ है।

AWBI के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य एस. पी. गुप्ता ने अनंत अंबानी के दृष्टिकोण की हृदय से सराहना की। उन्होंने कहा कि वनतारा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विश्व में दुर्लभ हैं और जमीनी स्तर की संस्थाओं की समस्याओं को सुनकर उन्हें एकजुट करना पशुओं के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बेहद सार्थक कदम है।

वनतारा में आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन महज एक औपचारिक बैठक नहीं था। पहले दिन प्रतिनिधियों ने वनतारा की अत्याधुनिक सुविधाओं का दौरा किया और जाना कि कैसे बचाए गए हाथियों, शेरों, बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों की देखभाल पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में की जाती है।

सम्मेलन का दूसरा दिन आपसी संवाद और सहयोग पर केंद्रित रहा, जहां संस्थाओं ने अपने अनुभव और चुनौतियां साझा कीं। इसी दिन वनतारा और सभी प्रतिभागी संस्थाओं के बीच ‘लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (LoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो सामुदायिक पशु कल्याण को मजबूत करने और संसाधनों के आदान-प्रदान की एक साझा रूपरेखा है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी संस्थाओं को पशुओं की देखभाल में उनके अथक प्रयासों के लिए अनंत अंबानी द्वारा हस्ताक्षरित प्रशंसा पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन) देकर सम्मानित किया गया।

यह पहल सहयोगी संस्थाओं की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इसके तहत पशु आवास, एम्बुलेंस, बचाव व चिकित्सा उपकरण और आजीवन देखभाल सुविधाओं के लिए सीधी सहायता प्रदान की जाएगी।

संस्थाओं को अधिक कार्यकुशल और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम जैसी ढांचागत मदद भी मिलेगी। इसके अलावा शिक्षा, जागरूकता कार्यक्रम और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए क्वारंटाइन व्यवस्था का भी प्रस्ताव रखा गया है।

‘चैंपियंस ऑफ केयर’ को एक विस्तृत और दीर्घकालिक राष्ट्रीय नेटवर्क के रूप में तैयार किया गया है। आगामी वर्षों में और भी संस्थाओं के इससे जुड़ने की उम्मीद है, जिससे पूरे भारत में पशुओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक मजबूत सामूहिक ढांचा तैयार होगा। यह पहल वनतारा के ‘एवरी लाइफ मैटर्स’ संकल्प का ही एक राष्ट्रव्यापी विस्तार है, ताकि अधिक से अधिक बेजुबान जीवों को करुणा और सम्मान मिल सके।

संपादकीय जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन में एडब्ल्यूबीआई के आठ सदस्य गिरीश जे. शाह, राजीव गुप्ता, प्रो. आर. एस. चौहान, रामकृष्ण रघुवंशी, आर. रघु राम शर्मा, अंजलि गोपालन, एस. पी. गुप्ता और अजीत शरद केलकर उपस्थित रहे।

इस ऐतिहासिक ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ पहल का हिस्सा बनने वाली संस्थाओं में ऑल अबाउट देम, एनिमल केयर चैरिटेबल ट्रस्ट, एनिमल केयर ट्रस्ट, एनिमल वेलफेयर एंड केयर सर्विसेज, अरहम ऑलवेज केयर, आशा फाउंडेशन, आश्रय, ब्लू क्रॉस ऑफ इंडिया, केप (CAPE) फाउंडेशन, केयरअस्ट्रे फाउंडेशन, चाम्बा एनिमल वेलफेयर सोसाइटी, कूपा (CUPA), क्रेसवेल फाउंडेशन, दुलारी एनिमल केयर सेंटर, हैप्पी पॉज़ फाउंडेशन, हेल्प इन सफरिंग, ह्यूमेन एनिमल सोसाइटी और इन डिफेंस ऑफ एनिमल्स शामिल हैं।

इसी नेटवर्क से जेबीएफ (JBF) इंडिया ट्रस्ट, जीवदया चैरिटेबल ट्रस्ट, के-नाइन एनिमल वेलफेयर सोसाइटी, कश्मीर एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन, मायपालक्लब फाउंडेशन, वन रूफ एनिमल केयर, परेवडा चैरिटेबल ट्रस्ट, पॉ (PAW) कन्नूर, पशूधरा जीवरक्षक एनिमल केयर फाउंडेशन, पॉज़ (PAWS) त्रिशूर, पीपल फॉर एनिमल्स (भिलाई, गाजियाबाद, गुरुग्राम, गुवाहाटी, खामगांव, कोल्लम, कोलकाता, रायपुर, सिक्किम, तिरुवनंतपुरम), पेटानिटी एंड एनिमल रिहैबिलिटेटर्स फाउंडेशन और पर्पसफुल प्लेनेट फाउंडेशन भी जुड़े हैं।

इनके अलावा रेस्क्यू फाउंडेशन, संघमित्रा एनिमल फाउंडेशन, सेव एनिमल्स वैल्यू एनवायरनमेंट, स्ट्रेकेयर, द फेलाइन फाउंडेशन, द स्ट्रे आर्मी चैरिटेबल ट्रस्ट, ट्री ऑफ लाइफ फॉर एनिमल्स, वसुधैव कुटुंबकम, वेफा (WEFAA), वैग (WAG) और वर्ल्ड फॉर ऑल एनिमल केयर एंड अडॉप्शंस ने भी इस पहल में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराई है।

यह भी पढ़ें-

शेयर बाजार संकट और चरमराती अर्थव्यवस्था पर कांग्रेस का केंद्र पर प्रहार: “निवेशकों के 26 लाख करोड़ डूबे, सरकार मौन”

साइबेरिया की लैब में ‘प्लेग’ से महिला वैज्ञानिक की संदिग्ध मौत, 200 लोग आइसोलेट; दुनिया भर में दहशत

Your email address will not be published. Required fields are marked *