गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के एक संदिग्ध गुर्गे को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया यह आरोपी पिछले महीने पंजाब के गुरदासपुर जिले में हुई एक फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था।
इस आरोपी की पहचान सुखपिंदर सिंह उर्फ सुक्खी के रूप में हुई है। अधिकारियों द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एटीएस की टीम ने 22 अगस्त को पूर्वोत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले के मुख्यालय पालनपुर के एक होटल से उसे धर दबोचा।
सुखपिंदर पर आरोप है कि उसने जुलाई महीने में गुरदासपुर जिले की बटाला तहसील में एक स्थानीय निवासी की दुकान के बाहर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और 324(4) (20,000 रुपये या उससे अधिक की संपत्ति का नुकसान) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
गुजरात एटीएस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा यह खतरनाक अपराधी पालनपुर में छिपा हुआ है। इस पुख्ता जानकारी के आधार पर टीम ने राजस्थान सीमा से सटे इस शहर में छानबीन की और उसे एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विस्तृत पूछताछ के लिए उसे अहमदाबाद स्थित एटीएस कार्यालय लाया गया।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि 20 जुलाई को उसने अपने अन्य साथियों— साहिबदीप सिंह, गगनदीप सिंह और विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की के साथ मिलकर इस मामले के शिकायतकर्ता महकदीप सिंह की दुकान के पास फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था।
वारदात के बाद पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए सुखपिंदर कादियान इलाके के एक गांव में अपनी बुआ के घर गया था। वहां उसने अपनी लाइसेंसी .30-06 राइफल अपने चचेरे भाई को सौंप दी। इसके बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, हैदराबाद और महाराष्ट्र के नांदेड़ में छिपते हुए आखिरकार पालनपुर पहुंच गया था।
मूल रूप से गुरदासपुर जिले का रहने वाला सुखपिंदर सिंह एक आदतन अपराधी है और उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पंजाब और गुजरात में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। एटीएस के मुताबिक, वह साल 2021 में ड्रग्स से जुड़े एक मामले में 9 महीने तक दुबई की जेल में भी सजा काट चुका है।
फिलहाल इस गिरफ्तारी की सूचना पंजाब पुलिस को दे दी गई है। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसके गृह राज्य भेजने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही उसे पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
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