अगस्त महीने में नए निवेशकों के रजिस्ट्रेशन के मामले में गुजरात ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस महीने राज्य से करीब 2.3 लाख नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़े हैं।
यह संभवतः पहली बार है जब किसी एक राज्य का इतना बड़ा दबदबा देखने को मिला है। देशभर के शीर्ष 10 जिलों में गुजरात के पांच और शीर्ष 20 में 10 जिले अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।
यह उछाल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और जूनागढ़ जैसे जिले राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 में शामिल हैं। वहीं मेहसाणा, वडोदरा, बनासकांठा, सुरेंद्रनगर और जामनगर ने शीर्ष 20 में अपनी जगह पक्की की है।
एनएसई की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला स्तर पर गुजरात का यह प्रदर्शन राज्य की असाधारण भागीदारी को दर्शाता है। नए निवेशकों की संख्या केवल एक बड़े शहर में केंद्रित न होकर कई जिलों में समान रूप से बढ़ी है।
एसोसिएशन ऑफ नेशनल एक्सचेंजेज मेंबर्स ऑफ इंडिया (एएनएमआई) के निदेशक वैभव शाह का कहना है कि यह पहली बार है जब नए निवेशकों के मामले में किसी एक राज्य ने इतना एकतरफा दबदबा बनाया है। उन्होंने बताया कि आईपीओ की हालिया लहर छोटे जिलों के लोगों को भी इक्विटी मार्केट की तरफ आकर्षित कर रही है।
जिला स्तर की बात करें तो 75,800 नए रजिस्ट्रेशनों के साथ दिल्ली-एनसीआर पहले स्थान पर है। इसके बाद 53,300 निवेशकों के साथ मुंबई और 35,400 निवेशकों के साथ अहमदाबाद का नंबर आता है। सूरत 30,200 के आंकड़े के साथ चौथे और भावनगर 26,800 के साथ पांचवें स्थान पर है।
इनके अलावा बेंगलुरु से 19,500, राजकोट से 18,800 और जयपुर से 18,700 नए निवेशक बाजार से जुड़े। अगस्त महीने में देश के कुल नए निवेशकों में टॉप 5 जिलों की हिस्सेदारी करीब 11.5% रही।
इससे पहले सितंबर 2024 में भी गुजरात के चार जिले राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 की सूची में शामिल हुए थे। उस समय सूची में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और भावनगर के नाम दर्ज थे।
राज्य के पंजीकृत निवेशकों के बेस में भी भारी विस्तार हुआ है। वित्त वर्ष 2010 के अंत में गुजरात में 14.98 लाख निवेशक थे। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2015 में बढ़कर 20.55 लाख और वित्त वर्ष 2020 में 37.97 लाख हो गया।
आगे चलकर वित्त वर्ष 2027 के आंकड़ों में यह बेस 99.39 लाख तक पहुंच गया। वहीं अगस्त 2026 तक यह शानदार बढ़त के साथ 1.15 करोड़ के स्तर पर आ चुका है।
राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश को पछाड़ते हुए अगस्त 2026 में गुजरात नए निवेशकों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। 2.3 लाख नए रजिस्ट्रेशनों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर इसकी हिस्सेदारी 14.6% रही।
उत्तर प्रदेश 2.0 लाख निवेशकों (12.9%) के साथ दूसरे और महाराष्ट्र 1.6 लाख निवेशकों (10.2%) के साथ तीसरे नंबर पर रहा। इसके बाद राजस्थान ने 1.1 लाख (7.1%) और तमिलनाडु ने 0.9 लाख (5.7%) नए निवेशक जोड़े। अगस्त में इन शीर्ष पांच राज्यों का कुल योगदान 50.5% रहा।
अगस्त महीने में गुजरात का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। यहां निवेशकों के जुड़ने की दर में मासिक आधार पर 94.8% और सालाना आधार पर 134.9% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई।
मासिक वृद्धि के मामले में 36.7% के साथ राजस्थान दूसरे और 23.3% के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा। वहीं महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में क्रमशः 11.2% और 7.2% की क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई।
एनएसई रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश से आगे निकलकर गुजरात का पहले स्थान पर आना एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, उत्तर प्रदेश अभी भी देश में दूसरा सबसे बड़ा पंजीकृत निवेशक बेस बनाए हुए है।
इन सब के बावजूद अगस्त में सबसे अधिक नए रजिस्ट्रेशन गुजरात में ही हुए। रिपोर्ट बताती है कि निवेशकों के जुड़ने का पैटर्न अब बदल रहा है। बड़े निवेशक बेस वाले राज्यों के साथ-साथ अब अन्य बाजार भी तेजी से नई भागीदारी दर्ज कर रहे हैं।
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