दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड 1073 (FZ1073) में बुधवार सुबह एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। हवा में उड़ान के दौरान विमान के ओमानी को-पायलट ने अचानक भारतीय कैप्टन स्मित मच्छड़ पर चाकू से हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले के बाद बोइंग 737 विमान महज 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया।
हमले का मकसद जानने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच सऊदी अरब के अधिकारियों ने उस आरोपी ओमानी को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हवाले कर दिया है। कैप्टन मच्छड़ पर हुए हमले के दौरान कॉकपिट से आ रही आवाजों को सुनकर क्रू मेंबर्स और यात्री तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने अपनी जान पर खेलकर आरोपी को-पायलट को काबू में किया।
फ्लाइट में 170 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक थे। कुल 182 लोगों से भरे इस विमान को उस समय फ्लाइट में मौजूद फ्लाईदुबई के दूसरे पायलटों की जोड़ी ने सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित लैंड कराया। घायल कैप्टन स्मित मच्छड़ की हालत अब स्थिर है और उन्हें दुबई ले जाया गया है।
विमान में सवार लोगों के लिए ये चार घंटे किसी खौफनाक सपने से कम नहीं थे। उड़ान की शुरुआत सुबह 03:05 बजे दुबई एयरपोर्ट से हुई। सब कुछ सामान्य था लेकिन 05:21:09 बजे 34,000 फीट की ऊंचाई से विमान में गिरावट का पहला संकेत मिला।
सबसे तेज गिरावट 05:22:40 बजे दर्ज की गई, जब विमान अचानक आधी से भी कम ऊंचाई यानी 16,600 फीट पर आ गया। डेटा ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक यह उड़ान के दौरान दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट थी। हालांकि महज तीन सेकंड बाद ही विमान वापस 21,725 फीट पर पहुंच गया।
विमान का हवा में गोते खाना यहीं नहीं रुका। 05:24:29 बजे एक और बड़ी गिरावट आई और विमान 15,000 फीट तक नीचे आ गया, जो इस सफर का सबसे निचला स्तर था। सुरक्षित लैंडिंग होने तक लगभग एक घंटे से ज्यादा समय तक विमान इसी ऊंचाई पर उड़ता रहा। सऊदी-जॉर्डन सीमा पर उड़ान भरते समय 05:28 बजे विमान से स्क्वॉक 7700 का पहला डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा गया, जो आम आपातकाल को दर्शाता है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए 05:35 बजे यह आपातकालीन सिग्नल बदलकर 7500 कर दिया गया। यह ‘गैरकानूनी हस्तक्षेप’ का कोड है जो हाईजैक या हमले जैसी गंभीर स्थिति का संकेत देता है। यह अलर्ट करीब एक घंटे तक जारी रहा। 05:42 बजे विमान ने पश्चिम की ओर मुड़कर कुछ समय के लिए 15,000 फीट की ऊंचाई पर जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया।
इसके ठीक चार मिनट बाद यानी 05:46 बजे विमान ने 180 डिग्री का टर्न लिया और दक्षिण-पश्चिम दिशा में सऊदी अरब के ताबुक की तरफ मुड़ गया। ताबुक की ओर बढ़ते हुए 06:28 बजे ‘गैरकानूनी हस्तक्षेप’ का अलर्ट खत्म करते हुए फिर से सामान्य आपातकाल का स्क्वॉक 7700 सिग्नल भेजा गया। आखिरकार 06:58 बजे यह विमान ताबुक एयरपोर्ट के करीब पहुंचा और वहां सुरक्षित उतर गया।
इस बहादुरी के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छड़ से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान कैप्टन ने प्रधानमंत्री को बताया कि हवा में हुए उस जानलेवा हमले के वक्त उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इस कृत्य की कड़ी निंदा की और राहत जताई कि एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना की गूंज वैश्विक राजनीति में भी सुनाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर इस इजरायल जाने वाली उड़ान को क्रैश करने की साजिश के तार तेहरान से जुड़े हुए पाए गए, तो ईरान पर ‘बहुत कड़ा’ प्रहार किया जाएगा। वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस मामले पर काम चल रहा है और शुरुआती जानकारी के आधार पर ईरान की संलिप्तता होने की आशंका है।
वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि आरोपी को-पायलट ‘इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा’ से प्रभावित था। उन्होंने एक न्यूज चैनल को बताया कि को-पायलट लगातार एयरक्रू पर चिल्ला रहा था कि “मुझे मार डालो, मुझे मार डालो”, जिससे यह साफ होता है कि उसके इरादे आत्मघाती थे।
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