हमला करना, सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखना, जिम्मेदारी लेना और फिर नई धमकी देना। लॉरेंस बिश्नोई गैंग जब भी न्याय की आड़ में किसी हस्ती को निशाना बनाता है, तो उसकी यही चार सूत्रीय खौफनाक रणनीति होती है। हर कुछ महीनों में यह गैंग इसी पैटर्न को दोहराता है। इ
स बार गैंग के इस कथित ‘न्याय’ का नया शिकार बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ बने हैं और बिश्नोई गैंग के अनुसार टाइगर का इकलौता कसूर उनका सलमान खान से जुड़ा होना है।
रविवार शाम मुंबई के पॉश इलाके जुहू में मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमलावरों ने कार की विंडशील्ड और साइड की खिड़कियों को निशाना बनाते हुए सात राउंड फायरिंग की। इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने से चूक गईं। पांचवीं गोली चलाने के बाद यात्री सीट की तरफ खड़ा शूटर कार के एकदम करीब आया और उसने टाइगर श्रॉफ पर बिल्कुल पास से फायर करने की कोशिश की, लेकिन किस्मत से उसकी पिस्तौल जाम हो गई।
इस जानलेवा हमले में अभिनेता के ड्राइवर फिरदोस इब्राहिम बलोच के हाथ में गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल से सामने आए एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमले के तुरंत बाद टाइगर श्रॉफ खुद फुर्ती से ड्राइविंग सीट पर बैठे। उन्होंने घबराए बिना स्टीयरिंग संभाली और घायल बलोच को तुरंत नानावती अस्पताल लेकर पहुंचे।
हत्या के इस प्रयास के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई। इस क्लिप में एक व्यक्ति हिंदी में बात करते हुए खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बता रहा है और उसने हमले की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर ली है। उसने खुद की पहचान अनिल पंडित के रूप में दी और कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई को अपने छोटे भाई की तरह मानता है। अनिल ने स्पष्ट कहा कि आज टाइगर श्रॉफ के साथ जो भी हुआ है, उसकी जिम्मेदारी वह और हरमन संधू लेते हैं।
ऑडियो में आगे दावा किया गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले समझाया गया था, लेकिन वह उनकी बात नहीं समझे। इसके साथ ही सलमान खान से जुड़े लोगों को सीधे तौर पर मौत की धमकी दी गई। वक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में जो भी उनके निर्देशों के खिलाफ जाएगा या सलमान खान के साथ काम करेगा, उसे जान से मार दिया जाएगा। इसे पहली और आखिरी चेतावनी बताया गया है। साथ ही यह भी दोहराया गया कि जब तक सलमान खान काले हिरण शिकार मामले में लॉरेंस और जीव-जंतु प्रेमी बिश्नोई समाज से माफी नहीं मांगते, तब तक उनके परिवार के किसी भी सदस्य या यहां तक कि उनके पालतू कुत्तों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
सलमान खान से जुड़े लोगों पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल फरवरी 2026 में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर भी गोलियां चलाई गई थीं। उस वक्त बिश्नोई गैंग के सहयोगी शुभम लोनकर ने जिम्मेदारी लेते हुए अपने साथी के तौर पर हरमन संधू का नाम लिया था। इससे पहले पिछले साल जुलाई से अक्टूबर के बीच कनाडा के सरे में कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा के कैफे पर भी तीन बार फायरिंग की गई थी।
अभिनेताओं से अपनी नजदीकियों के लिए मशहूर 66 वर्षीय पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी को भी इसी रंजिश का शिकार होना पड़ा था। 12 अक्टूबर 2024 की रात बांद्रा (पूर्व) में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इसके अलावा 14 अप्रैल 2024 को बांद्रा स्थित सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर भी दो बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की थी। तब अनमोल बिश्नोई ने उस हमले को ‘ट्रेलर’ और ‘पहली और आखिरी चेतावनी’ बताते हुए जिम्मेदारी ली थी।
लॉरेंस बिश्नोई की कार्यप्रणाली बिल्कुल स्पष्ट है। हर हमले के बाद सोशल मीडिया पर गैंग की तरफ से एक पोस्ट या ऑडियो क्लिप आती है, जिसमें कारण बताते हुए जिम्मेदारी ली जाती है और एक नई धमकी दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, कपिल शर्मा के कैफे पर हमले का कारण सलमान खान को उनके नेटफ्लिक्स शो में बुलाना बताया गया था।
बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद शुभम लोनकर के नाम से किए गए फेसबुक पोस्ट में भी हत्या को सिद्दीकी की सलमान से नजदीकी और अभिनेता के घर फायरिंग के आरोपी अनुज थापन की पुलिस हिरासत में मौत से जोड़ा गया था। उस पोस्ट में सलमान की मदद करने वालों को अपना हिसाब-किताब दुरुस्त रखने की धमकी दी गई थी और सलमान का नाम पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर-आतंकी दाऊद इब्राहिम से भी जोड़ा गया था।
टाइगर श्रॉफ और सलमान खान ने कभी किसी पूरी फिल्म में मुख्य किरदारों के तौर पर एक साथ काम नहीं किया है, लेकिन इंडस्ट्री में उनके बीच गहरे संबंध हैं। बताया जाता है कि सलमान खान ने ही निर्माता साजिद नाडियाडवाला को टाइगर को बॉलीवुड में लॉन्च करने की सलाह दी थी। टाइगर के पिता जैकी श्रॉफ ने भी सलमान के साथ कई बड़ी फिल्मों में काम किया है। दोनों सितारे कई बार एक साथ मंच साझा कर चुके हैं और फिटनेस व एक्शन फिल्मों के प्रति एक-दूसरे के समर्पण की हमेशा तारीफ करते रहे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई और सलमान खान के बीच इस गहरी दुश्मनी की जड़ें 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी हैं। उस समय सलमान खान सूरज बड़जात्या की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के लिए राजस्थान में थे। सलमान और उनके कुछ सह-कलाकारों पर जोधपुर के पास कांकाणी गांव के भवाद की ढाणी में काले हिरण का शिकार करने का आरोप लगा था। भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत काला हिरण एक संरक्षित प्रजाति है, जिससे यह एक बेहद गंभीर अपराध बन गया।
वन्यजीव संरक्षण के लिए मशहूर बिश्नोई समाज काले हिरण को एक पवित्र जीव मानता है। उसी घटना के बाद से लॉरेंस बिश्नोई लगातार सलमान खान से अपनी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगने या इसके गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा है।
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