गुजरात: मुद्रा ऋण की शिशु श्रेणी के एनपीए में 159% की वृद्धि

| Updated: October 1, 2021 6:16 pm

आधिकारिक आंकड़ों ने आखिरकार खुलासा कर दिया है कि अब तक महामारी ने समाज के कम विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

PMMY या MUDRA एक प्रकार की क्रेडिट सुविधा है जो आमतौर पर विनिर्माण, व्यापार या सेवाओं में लगे छोटे और मध्यम उद्यमों को प्रदान की जाती है। MUDRA को माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस लिमिटेड नाम से स्पष्ट किया गया है।

गुजरात में मुद्रा ऋण से संबंधित एनपीए के आंकड़ों में 54% से अधिक की तेज वृद्धि दर्ज की गई है। शिशु, किशोर और तरुण नाम की तीन श्रेणियों के तहत मुद्रा ऋण की पेशकश की जाती है। शिशु के तहत ऋण राशि 50,000 रुपये तक है, जबकि किशोर और तरुण के लिए यह क्रमशः 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये तक है।

शिशु श्रेणी में एनपीए की वृद्धि 159%, किशोर श्रेणी में 35% और तरुण श्रेणी में 52% है, जो छोटे उद्यमियों के सामने आने वाली कठिनाइयों का संकेत है। पिछले वर्ष से एनपीए के आंकड़ों में कुल वृद्धि 555.54 करोड़ रुपये से कुल मिलाकर 54% बढ़कर 856.52 रुपये हो गई है। 

गुजरात राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष ने सूचित किया है कि सूक्ष्म-व्यवसाय इससे अत्यधिक प्रभावित हुआ है क्योंकि उनके पास महामारी के समय में पर्याप्त पूंजी या आकस्मिक निधि नहीं था।

लॉकडाउन के दौरान, कई लोगों की नौकरी चली गई और आय का स्रोत बंद हो गया था। अप्रत्याशित और अक्सर अत्यधिक चिकित्सा खर्चों ने ईमानदार उधारकर्ताओं के कई रस्तों को बंद कर दिया है। जिससे कमजोर चुकौती (कर्ज भुगतान) क्षमता अंतराल में बढ़ गई जिसे पूरा नहीं किया जा सका।

Your email address will not be published. Required fields are marked *