अहमदाबाद: गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में सोमवार का दिन डर और अफरातफरी भरा रहा। शहर के कई प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस खबर ने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला।
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, धमकी भरे इस ईमेल की भाषा बेहद भड़काऊ है। अहमदाबाद के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने पुष्टि की है कि ईमेल भेजने वाले ने खुले तौर पर ‘भारत को खालिस्तान में बदलने’ की बात लिखी है।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, पंजाबी भाषा में आया ईमेल
एक साथ कई स्कूलों को धमकी मिलने के बाद अहमदाबाद पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्कूलों में सघन चेकिंग अभियान (Thorough Check) चलाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि धमकी भरा यह ईमेल पंजाबी भाषा में लिखा गया था और इसमें स्पष्ट रूप से विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीमों को भी स्कूलों में तैनात कर दिया गया है।
दिल्ली में भी मिली थी संसद उड़ाने और खालिस्तान की धमकी
गौरतलब है कि यह पैटर्न नया नहीं है। पिछले हफ्ते ही देश की राजधानी दिल्ली के सात स्कूलों को भी बिल्कुल इसी तरह की धमकियां मिली थीं। उन ईमेल में भी राष्ट्रीय राजधानी को खालिस्तान बनाने का जिक्र किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि उस मेल में बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी थीं और संसद भवन के अंदर धमाका करने की धमकी भी दी गई थी। हालांकि, जांच के बाद वह धमकी फर्जी (Hoax) निकली थी।
दिल्ली के जिन सात स्कूलों को निशाना बनाया गया था, उनमें पूसा रोड स्थित दिल्ली तमिल एजुकेशन एसोसिएशन, गोल मार्केट का केंद्रीय विद्यालय, दरियागंज का हैप्पी पब्लिक स्कूल, बल्लीमारान का राबिया पब्लिक स्कूल, झंडेवालान का सीएल भल्ला डीएवी स्कूल, लोधी एस्टेट का सरदार पटेल विद्यालय और चाणक्यपुरी का ब्रिटिश स्कूल शामिल हैं।
मोहाली के 16 स्कूलों में भी मचा था हड़कंप
धमकियों का यह सिलसिला पंजाब के मोहाली तक भी पहुंचा था, जहां पिछले हफ्ते 16 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। वहां भी अफरातफरी का माहौल बन गया था। पुलिस के करीब 300 जवानों ने व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अंततः वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला और यह महज एक अफवाह साबित हुई।
बाद में, पंजाब पुलिस ने जानकारी दी कि वे इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करेंगे। साथ ही, धमकी भरे ईमेल का ओरिजिन (स्रोत) पता लगाने के लिए मामले को साइबर सेल को सौंप दिया गया है।
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