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NEET Re-Exam में बड़ी सेंधमारी विफल: बिहार में ‘सॉल्वर गैंग’ का भंडाफोड़, 40 लाख की डील में 24 गिरफ्तार

| Updated: June 22, 2026 15:36

40 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का सौदा: लखीसराय के 3 केंद्रों से 5 मेडिकल छात्रों और बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों सहित कुल 24 लोग गिरफ्तार।

नीट परीक्षा दोबारा आयोजित होने के ठीक एक दिन बाद, सोमवार 22 जून को पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय पेपर सॉल्वर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस बड़ी और अहम कार्रवाई के दौरान बिहार से कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों में न केवल फर्जी परीक्षार्थी हैं, बल्कि सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली बॉयोमैट्रिक कंपनी के कर्मचारी और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र भी शामिल हैं।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा पास कराने की यह पूरी डील 40 लाख रुपये में तय हुई थी। गिरफ्तार किए गए 24 आरोपियों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के एक छात्र सहित कुल पांच मेडिकल स्टूडेंट शामिल हैं। पैसों के लालच में ये सभी असली परीक्षार्थियों की जगह बैठकर परीक्षा दे रहे थे। लखीसराय के अलग-अलग केंद्रों से कुल 9 मुन्नाभाइयों को रंगे हाथों पकड़ा गया है।

इस पूरे गोरखधंधे में बॉयोमैट्रिक कंपनी की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध पाई गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में इसी कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं और फिलहाल सात कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन कर्मचारियों की मिलीभगत से ही फर्जी परीक्षार्थियों को बिना किसी सख्त सत्यापन प्रक्रिया के सीधे परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश दे दिया गया था।

यह पूरी धांधली लखीसराय के परीक्षा केंद्रों पर पकड़ी गई है। जिन केंद्रों पर यह फर्जीवाड़ा चल रहा था, उनमें केंद्रीय विद्यालय, उच्च विद्यालय हसनपुर, केआरके उच्च विद्यालय और डायट लखीसराय शामिल हैं।

इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस शातिर गिरोह के तार देश के किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं। इससे पहले 3 मई को भी नीट की परीक्षा हुई थी, जिसे भारी पैमाने पर पेपर लीक होने के कारण रद्द करना पड़ा था।

इस बीच धांधली का एक और हैरान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी से भी सामने आया है। परीक्षा के दौरान रविवार 21 जून को वहां से एक संदिग्ध परीक्षार्थी को हिरासत में लिया गया था। बलिया के रहने वाले इस आरोपी का नाम प्रिंस दुबे है। सुरक्षा जांच के दौरान प्रिंस के अंडरगार्मेंट से एक सिम कार्ड और पुराना प्रश्न पत्र बरामद किया गया, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

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