नेपाल में रिहा हुआ चार्ल्स शोभराज: रोमांचक रहा है 'बिकिनी किलर' का जीवन और अपराध

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नेपाल में रिहा हुआ चार्ल्स शोभराज: रोमांचक रहा है ‘बिकिनी किलर’ का जीवन और अपराध

| Updated: December 22, 2022 16:04

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की सजा काट रहे भारतीय ठग और सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया है। फ्रांसीसी पर्यटकों को जहर देने के लिए वह भारतीय जेल में रह चुका है।

नेपाल की अदालत ने शोभराज को 15 दिनों के भीतर रिहा करने और उसके देश फ्रांस में तुरंत निर्वासित (deportation) कर देने का आदेश दिया है। 78 वर्षीय शोभराज ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर जल्द रिहाई के लिए याचिका दायर की थी। उसने दिल की बीमारी और दांत की समस्याएं बताई थीं। इस पर फ्रांसीसी दूतावास ने उसके लिए नेपाल सरकार से संपर्क किया था।

अपने लंबे आपराधिक करियर में शोभराज को ‘बिकिनी किलर’ कहा जाता है। इसलिए कि उसने जिन महिलाओं को शिकार बनाया, वे बिकनी में ही थीं। इतना ही नहीं, कानून के लंबे हाथों से बचते रहने के लिए उसे ‘सांप’ तक कहा जाता था। आइये, शोभराज के अपराधों और भारत के साथ उसके संबंधों पर एक नजर डालते हैं।

शोभराज का जन्म तत्कालीन फ्रांसीसी कब्जे वाले साइगॉन में हुआ था। वह एक भारतीय व्यापारी बेटा  है, जिसकी वियतनामी मां एक दुकान में काम करती थी। उसके माता-पिता की शादी नहीं हुई थी। बल्कि, उसके पिता ने तो उसे अपना बेटा कभी माना ही नहीं। जब उसकी मां ने एक फ्रांसीसी सैनिक से शादी कर ली, तब वह फ्रांस चला गया। उसके बारे में कई आत्मकथाओं और लेख लिखे गए हैं। सबमें बताया गया है कि बेटा नहीं मानने के कारण शोभराज अपने पिता से नाराज रहता था। वह अपनी मां के नए परिवार में कभी नहीं रहा। ऐसे में वह कम उम्र में ही छोटे-मोटे अपराधों में लग गया था। इसके कारण उसका जेलों के अंदर और बाहर आना-जाना शुरू हो गया था।

सीरियल किलरः

जैसे ही शोभराज ने दुनिया भर में यात्रा की, उसने “हिप्पी” यात्रियों को टारगेट करना शुरू कर दिया। उन दिनों पश्चिमी पर्यटक एशिया के माध्यम से बैकपैकिंग कर रहे थे। वह उनके ड्रिंक्स में नशीला पदार्थ मिला देता था और उनकी हत्या कर देता था। ऐसा वह अक्सर महिला साथियों के साथ करता था। शोभराज पर लगभग 20 हत्याओं का आरोप लगा।  हालांकि यह कभी पता नहीं चल सका कि वह ऐसा क्यों करता है। कभी-कभी वह उनका पासपोर्ट चुरा लेता था। ऐसा उन लोगों की पहचान के लिए करता था, जिन्हें उसने मार डाला था।

उसके साथ बातचीत करने वाले पत्रकारों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने शोभराज को विनम्र और आकर्षक पाया। ऐसे गुण जिसने उसे अपराध करने, सहयोगियों की भर्ती करने और सजा से बचने में मदद की। उसे कई देशों में कई बार गिरफ्तार किया गया था। लेकिन वह हर बार या तो भाग जाता या रिश्वत देकर कैद से निकल आता।

1976 में भारत में गिरफ्तारीः

जुलाई 1976 में नई दिल्ली में शोभराज ने तीन महिला सहयोगियों के साथ कुछ फ्रांसीसी छात्रों को टूर गाइड के रूप में नौकरी के लिए राजी किया। इसके बाद उसने पर्यटकों को जहर की गोलियां खिला दीं। हालांकि, कुछ छात्र पुलिस को बुलाने में कामयाब रहे। तब शोभराज और उसके गैंग को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमा चला और 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई।

उस समय तिहाड़ जेल में उप-अधीक्षक (deputy superintendent) रहे जेपी नैथानी के मुताबिक, उन्होंने उसे जेल के अंदर विभिन्न रूप से जीते देखा: स्थानीय अदालतों में अपनी कानूनी लड़ाई लड़ना, पत्रकारों और वकीलों से निपटना, और अपनी किताब-सर्पेन्टाइन (Serpentine) पर काम करते रहना, जो एक बेस्टसेलर बन गई। वह हमेशा महिलाओं को आकर्षित कर लेता था। उसके पास काफी संख्या में महिलाएं थीं। इनमें कुछ विदेशों से भी थीं, जो शाश्वत प्रेम (eternal love) के लिए आतीं। उनमें से कुछ उससे शादी करना चाहती थी। इसके लिए कोर्ट से इजाजत भी मांगी। ऐसा लुभावना व्यक्तित्व था उसका।

अपनी सजा के अंत में शोभराज जेल के गार्डों को नशीली मिठाई खिलाकर भाग गया था। मिठाई उसने अपने “जन्मदिन” के नाम पर खिलाई थी। तब उसे फिर से पकड़ लिया गया था। हालांक, बीबीसी के एक लेख में कहा गया है कि वह 10 साल कैद की सजा के अंत में फिर से पकड़े जाने के मकसद से ही भागा था। इस तरह वह थाईलैंड में प्रत्यर्पण (extradition) से बच सकता था, जहां वह पांच हत्याओं के लिए वांछित था और लगभग निश्चित रूप से उसे फांसी की दी जाती। 1997 में उसकी रिहाई के समय तक बैंकाक में उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की 20 साल की समय-सीमा समाप्त हो गई थी।

नेपाल में गिरफ्तारीः

भारत से रिहा होने के बाद शोभराज वापस फ्रांस चला गया। 2003 में वह नेपाल गया, जहां उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। 2004 में उसे 1975 में एक अमेरिकी महिला कोनी जो ब्रोंजिच की हत्या के लिए नेपाल में उम्र कैद की सजा हुई। बाद में उसे ब्रोंजिच के अमेरिकी मित्र लॉरेंट कैरिएर की हत्या के लिए भी दोषी ठहराया गया था।

2014 में उसने दावा किया कि उसने तिहाड़ जेल में जैस-ए-मोहम्मद (JeM) प्रमुख मसूद अजहर से दोस्ती करने के बाद तालिबान के लिए हथियार डीलर के रूप में काम किया था। उसने अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) से भी जुड़े होने का दावा किया था।

आगे चलकर नेपाल में उसने एक स्थानीय महिला निहिता बिस्वास से भी शादी की। निकिता ने भारतीय टीवी शो बिग बॉस के सीजन 5 में भाग लिया था।

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