भाजपा ने इस साल 5 राज्यों के चुनावों में 344 करोड़ रुपये खर्च किए, 2017 से 58 फीसदी अधिक

| Updated: September 22, 2022 6:12 pm

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस साल हुए पांच राज्यों यानी उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में 344.27 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। जबकि इन्हीं राज्यों में पिछले चुनावों के दौरान भाजपा ने 218.26 करोड़ रुपये ही खर्च किए थे। वहीं कांग्रेस ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में 194.80 करोड़ रुपये खर्च किए। यानी करीब 58 प्रतिशत अधिक। यह जानकारी चुनाव आयोग को सौंपी गई खर्च की रिपोर्ट के विश्लेषण से निकली है।

विश्लेषण से पता चलता है कि कांग्रेस ने भी इन पांच राज्यों में अपने चुनाव खर्च में भी काफी बढ़ोतरी की। उसने 2022 में 194.80 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2017 में 108.14 करोड़ रुपये ही खर्च किए थे। यानी इस बार 80 प्रतिशत अधिक खर्च किए।

आंकड़ों से पता चलता है कि पांच राज्यों में भाजपा ने 344 करोड़ में से सबसे अधिक 221.32 करोड़ रुपये यूपी में खर्च किए, जहां पार्टी बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। जबकि बीजेपी ने 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव में 175.10 करोड़ रुपये खर्च किये थे। यानी 2022 के चुनावों के दौरान पार्टी का चुनावी खर्च 2017 के मुकाबले 26 प्रतिशत अधिक था।

आंकड़ों से पता चलता है कि पांच राज्यों में भाजपा की कुल राशि में से सबसे अधिक 221.32 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश में खर्च किए गए, जहां पार्टी कम बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। 2022 के चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश में इसका चुनावी खर्च 2017 के 175.10 करोड़ रुपये के आंकड़े से 26 प्रतिशत अधिक था।

2022 में भाजपा ने पंजाब में 36.70 करोड़ रुपये खर्च किए, यानी 2017 के विधानसभा चुनावों में उसके 7.43 करोड़ रुपये के खर्च का लगभग पांच गुना अधिक। फिर भी पार्टी केवल दो सीटें जीतने में सफल रही। 2017 में वह एक ही सीट जीत सकी थी।

इसी तरह गोवा में भाजपा ने इस साल चुनावों में 19.07 करोड़ रुपये खर्च किए। यह 2017 में खर्च किए 4.37 करोड़ रुपये से चार गुना से अधिक था।

मणिपुर और उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का चुनावी खर्च 23.52 करोड़ रुपये (2017 में 7.86 करोड़ रुपये) और 43.67 करोड़ रुपये (2017 में 23.48 करोड़ रुपये) था। गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में भाजपा की सत्ता में वापसी हुई।

पांच राज्यों में पार्टी के कुल चुनावी खर्च में से बड़ा हिस्सा नेताओं की यात्रा, सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों और प्रचार पर खर्च किया गया। पार्टी ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में वर्चुअल कैंपेन पर भी करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए।

भाजपा ने 8 जनवरी को इन राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की तारीख से 12 मार्च, 2022 को चुनाव तक के 63 दिनों में अपने केंद्रीय कार्यालय और यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में अपनी राज्य इकाइयों द्वारा 914 करोड़ रुपये से अधिक की सकल प्राप्ति (gross receipts) की सूचना दी है। इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने 240.10 करोड़ रुपये की सकल प्राप्ति की सूचना दी है।

कांग्रेस पार्टी के चुनावी खर्च का राज्यवार ब्यौरा उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस ने “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स/ऐप्स और अन्य माध्यमों से वर्चुअल कैंपेन” पर 15.67 करोड़ रुपये खर्च करने की सूचना दी है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों को चुनाव की घोषणा की तारीख से चुनाव की समाप्ति की तारीख तक नकद, चेक या ड्राफ्ट या वस्तु के रूप में एकत्र किए गए सभी धन का लेखा-जोखा रखना आवश्यक है। उन्हें विधानसभा चुनाव के 75 दिनों के भीतर और लोकसभा चुनाव के 90 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च के विवरण भी चुनाव आयोग को सौंपने होते हैं।

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