वर्ल्ड म्यूजिक डे के अवसर पर IPRS ने एक अनोखी अंताक्षरी का आयोजन किया

| Updated: June 21, 2022 6:28 pm

वर्ल्ड म्यूजिक डे के अवसर पर इंडियन परफॉर्मींग राइट सोसाइटी (IPRS) ने एक अनोखी अंताक्षरी का आयोजन किया, इस अंताक्षरी के माध्यम से IPRS ने प्रयास किया की लोग गानों के साथ उन लोगों के नाम से भी रूबरू हों जिन लोगों ने उस गीत की रचना की है, गीत को गुनगुनाने वाले गायक के नाम लोगों को अक्सर याद रह जाते हैं लेकिन उस गीत को कम्पोज़ करने वाले संगीतकार और गीत को लिखने वाले गीतकार के नाम से कई लोग वाकिफ नहीं होते।

वाइब्ज़ ऑफ इंडिया की टीम ने इंडियन परफॉर्मींग राइट सोसाइटी के डायरेक्टर मयूर पूरी से बात करी और उनसे IPRS की इस मुहिम पर प्रकाश डालने को कहा, हमारी टीम से बात करते हुए उन्होंने कहा “IPRS देश की एक मात्र ऐसी संस्था है जो परफॉर्मींग आर्ट से जुड़े कलाकारों के हक के लिए काम करती है और पिछले 3 साल से इस काम के लिए हमने कई सारी मुहिमों की शुरुआत की है जिनमे से #CreditTheCreators सबसे सफल मुहिम रही है, इस अनोखी अंताक्षरी का आयोजन भी उसी मुहिम के चलते किया गया, लोगों तक उनके मनपसंद गानों के साथ उन गानों को बनाने वाले लोगों के नाम भी पहुंचे ये IPRS की हमेशा से कोशिश रही है।

IPRS के डायरेक्टर मयूर पूरी के साथ वाइब्ज़ ऑफ इंडिया का संवाद आप यहाँ सुन सकते हैं

वर्ल्ड म्यूजिक डे के अवसर पर IPRS के सोशल मीडिया हैन्डल पर अंताक्षरी का ये खेल खेला गया। कई सारे प्रतिस्पर्धियों ने इस पहल में हिस्सा लिया, संगीतकार विशाल दड़लानी, गीतकार इरशाद कामिल, मयूर पूरी एवं कौसर मुनीर ने इस अंताक्षरी में भाग लिया और प्रतिस्पर्धियों के लिए एक एक अक्षर दिया और उनसे उस अक्षर से शुरू होते गीत का जिक्र करने को कहा, प्रतिस्पर्धियों ने जिस गीत का जिक्र किया उस गीत को IPRS ने अपने सोशल मीडिया हैन्डल पर शेयर करते हुए उस गीत के कम्पोज़र और गीतकार के नाम का जिक्र कर लोगों तक पहुंचाया।

वर्ल्ड म्यूजिक डे पर आयोजित की गई इस मुहिम को भव्य प्रतिसाद मिला और IPRS की इस अनोखी अंताक्षरी से कई सारे प्रतिस्पर्धियों को उनके मनपसंद गीत के गीतकार एवं संगीतकारों से अवगत करवाया गया

इंडियन परफॉर्मींग राइट सोसाइटी IPRS का उद्देश्य संगीत उपयोगकर्ताओं को लाइसेंस जारी करके कॉपीराइट संगीत के उपयोग को वैध बनाना है और IPRS सदस्य यानि की संगीत के लेखकों, संगीतकारों एवं संगीत के प्रकाशकों के लिए और उनकी ओर से संगीत उपयोगकर्ताओं से रॉयल्टी एकत्र करने का कार्य किया जाता है, एकत्र की गई रॉयल्टी आईपीआरएस की प्रशासनिक लागतों की कटौती के बाद सदस्यों के बीच वितरित की जाती है।

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