हम सभी जानते हैं कि एक अच्छी और लंबी जिंदगी जीने के लिए पौष्टिक आहार और तनाव मुक्त जीवन के साथ-साथ एक्सरसाइज (व्यायाम) बेहद जरूरी है। लेकिन अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि आखिर कौन सा व्यायाम हमारे लिए सबसे अच्छा है? क्या सिर्फ दौड़ना काफी है या जिम जाना जरूरी है?
हाल ही में ‘BMJ Medicine’ जर्नल में प्रकाशित एक नई स्टडी शायद आपकी इस उलझन को सुलझा सकती है। शोधकर्ताओं ने लगभग 30 वर्षों तक 1,00,000 (एक लाख) से अधिक लोगों की दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों का अध्ययन किया। इस गहन शोध का निष्कर्ष यह निकला है कि अगर आप लंबी उम्र चाहते हैं, तो सिर्फ एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं है, बल्कि अपने व्यायाम के तरीकों में बदलाव लाना (variety) भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
क्या कहती है रिसर्च?
वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए ‘नर्सेज हेल्थ स्टडी’ (Nurses’ Health Study) और ‘हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप स्टडी’ (Health Professionals Follow-Up Study) के डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया। इसमें उन स्वस्थ स्वास्थ्य पेशेवरों (health professionals) को शामिल किया गया था, जिन्होंने 30 साल तक हर कुछ वर्षों में अपनी एक्सरसाइज की आदतों—जैसे वे किस तरह की एक्टिविटी करते थे और कितनी देर करते थे—की जानकारी दी थी।
इसके बाद शोधकर्ताओं ने इन एक्सरसाइज पैटर्न की तुलना मौत के विभिन्न कारणों, जैसे हृदय रोग, कैंसर और सांस की बीमारियों से की, ताकि यह समझा जा सके कि कौन सा तरीका जीवन को लंबा करने में मदद करता है।
आंकड़े जो आपको जानने चाहिए
यह बात तो हम सभी जानते हैं कि व्यायाम न करने वालों की तुलना में व्यायाम करने वाले लोग ज्यादा स्वस्थ होते हैं। स्टडी में पाया गया कि जो लोग औसतन अधिक एक्सरसाइज करते थे, उनमें अध्ययन की अवधि के दौरान मौत का खतरा 4% से 17% तक कम था (यह इस पर निर्भर था कि वे किस तरह की एक्टिविटी कर रहे थे)।
लेकिन, इस रिसर्च का सबसे दिलचस्प पहलू तब सामने आया जब वैज्ञानिकों ने डेटा को और गहराई से देखा। उन्होंने पाया कि समान मात्रा में शारीरिक गतिविधि करने वाले लोगों में भी, जिन्होंने ‘कॉम्बिनेशन एक्सरसाइज’ (विभिन्न प्रकार के व्यायामों का मिश्रण) को अपनाया था, उनमें एक ही तरह की एक्सरसाइज रूटीन फॉलो करने वालों की तुलना में मौत का खतरा अतिरिक्त 19% कम था।
हार्वर्ड के टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (Harvard’s T.H. Chan School of Public Health) के रिसर्च साइंटिस्ट और इस पेपर के लेखकों में से एक, यांग हू (Yang Hu) कहते हैं:
“कुल मिलाकर आप कितनी एक्टिविटी करते हैं, यह सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन इसके ऊपर, अगर आप अलग-अलग तरह की गतिविधियों को आज़माकर विविधता लाते हैं, तो आपको अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।”
कौन सी एक्सरसाइज कितनी असरदार?
स्टडी में अलग-अलग गतिविधियों से होने वाले फायदे के आंकड़े भी जारी किए गए हैं, जो अकाल मृत्यु (early death) के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं:
- तेज चलना (Walking vigorously): जोखिम में 17% की कमी (सबसे अधिक प्रभावी)।
- दौड़ना (Running): जोखिम में 13% की कमी।
- सीढ़ियां चढ़ना (Climbing stairs): जोखिम में 10% की कमी।
- रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Resistance training): जोखिम में 9% की कमी।
(नोट: इस अध्ययन में तैराकी यानी Swimming से कोई विशेष मापने योग्य लाभ नहीं देखा गया। हालांकि, यांग हू का मानना है कि इसका कारण यह हो सकता है कि लोग तैराकी को अलग-अलग तरह से परिभाषित करते हैं—कुछ लोग पूल में सिर्फ आराम से तैरते हैं, जबकि कुछ लोग कड़ी मेहनत वाली लैप्स करते हैं।)
मिक्स एक्सरसाइज क्यों है फायदेमंद?
आखिर रूटीन बदलने से फायदा क्यों बढ़ता है? इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। पिछले अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि अलग-अलग तरह के व्यायाम शरीर के अलग-अलग हिस्सों को फायदा पहुंचाते हैं। उदाहरण के लिए, दौड़ना और चलना आपके दिल और सांस की प्रणाली (respiratory system) के लिए बेहतरीन हैं, जो हार्ट डिजीज और ब्लड प्रेशर का खतरा कम करते हैं।
वहीं दूसरी ओर, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength training) मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए जरूरी है, जो खासकर उम्र बढ़ने पर गिरने और चोट लगने से बचाने में मदद करती है। यांग हू बताते हैं कि किसी एक तरह की शारीरिक गतिविधि का फायदा एक सीमा के बाद रुक जाता है (max out), जिसके बाद शरीर को अतिरिक्त लाभ मिलना कम हो जाता है।
विभिन्न व्यायामों को मिलाकर करने से इन सभी गतिविधियों का पूरा लाभ मिलता है और अकाल मृत्यु का जोखिम और कम हो जाता है।
हू निष्कर्ष में कहते हैं, “हमारा अनुमान है कि शारीरिक गतिविधियों में विविधता का मतलब है कि लोग व्यायाम के दो या उससे अधिक आयामों का लाभ उठा रहे हैं। एरोबिक और रेजिस्टेंस या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का मिश्रण शरीर को पूरक लाभ (complementary benefits) देता है।”
तो अगली बार जब आप वर्कआउट के लिए जाएं, तो कुछ नया करने से न कतराएं। थोड़ा दौड़ें, थोड़ी सीढ़ियां चढ़ें और थोड़ा वजन उठाएं—यही लंबी और स्वस्थ जिंदगी का मंत्र है।
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