comScore अहमदाबाद: 15 लाख लोग शिकार, 3 राज्य और करोड़ों की ठगी - Vibes Of India

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अहमदाबाद: 15 लाख लोग शिकार, 3 राज्य और करोड़ों की ठगी

| Updated: October 12, 2026 14:08

अमरेली में दर्ज 2 लाख रुपये की एक छोटी सी शिकायत ने खोले 'एसडी पे' और 'अपना पे' फर्जीवाड़े के तार, तीन राज्यों में 15 लाख से ज्यादा लोग हुए ठगी का शिकार।

फरार आरोपी नरेंद्र खांगरे की गिरफ्तारी के बाद देश के एक बेहद बड़े वित्तीय घोटाले की परतें खुल गई हैं। ‘एसडी पे’ (SD Pay) और ‘अपना पे’ (APNA Pay) नाम से चलाए जा रहे इस राष्ट्रीय स्तर के फर्जीवाड़े में तीन अलग-अलग राज्यों में कुल 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस महाठगी का शिकार होने वाले पीड़ितों की संख्या 15 लाख के पार हो सकती है।

आधिकारिक दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि ठगों के इस गिरोह ने भोले-भाले निवेशकों को भारी मुनाफे, इनामी चिट और गैर-पंजीकृत जमा योजनाओं का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। महानगरों से लेकर टियर-2 शहरों तक फैले इस नेटवर्क ने करोड़ों रुपये डकारने के लिए विशेष मोबाइल ऐप्स और फर्जी पेमेंट पोर्टल्स का सहारा लिया। इस धोखाधड़ी में न केवल लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई गंवाई, बल्कि कई लोगों की निजी डिजिटल पहचान भी चुरा ली गई।

इतने बड़े अंतरराज्यीय घोटाले का पर्दाफाश एक बहुत ही सामान्य सी शिकायत से हुआ था। दरअसल, ठेकेदार सुरेश डेंगडा ने एक स्थानीय लेनदेन के विवाद को लेकर अमरेली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया था। सुरेश ने ज्यादा रिटर्न और रेफरल कमीशन की उम्मीद में एसडी पे और अपना पे में 2 लाख रुपये का निवेश किया था।

जब सुरेश अपनी जमा राशि वापस नहीं निकाल पाए, तो उन्होंने मजबूरन पुलिस की मदद ली। शिकायत दर्ज होते ही घबराए प्रमोटरों ने तुरंत ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए उनकी पूरी मूल रकम लौटा दी। पैसा वापस मिलने के बाद सुरेश ने राहत की सांस ली और अपनी याचिका वापस ले ली, लेकिन जांच अधिकारियों के लिए असली खेल यहीं से शुरू हुआ।

पुलिस की पैनी नजरों ने इस लेनदेन में एक बहुत बड़ी गड़बड़ी पकड़ ली थी। अधिकारियों ने ध्यान दिया कि सुरेश ने निवेश की शुरुआती रकम ‘आंगड़िया’ के जरिए भेजी थी, लेकिन उन्हें रिफंड ‘शिव धरती कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ के कॉरपोरेट बैंक खाते से मिला था। पुलिस ने जब इस खाते की तहकीकात की, तो उन्हें एक ही कंपनी से जुड़ी चार अन्य सक्रिय धोखाधड़ी की शिकायतों का सुराग मिल गया।

जांच का दायरा बढ़ते ही गुजरात, राजस्थान और तमिलनाडु में कुल 15 एफआईआर सामने आ गईं। गुजरात के अमरेली, वडोदरा शहर, साबरकांठा, खेड़ा, पंचमहाल (शहेरा और गोधरा), गांधीनगर (सीआईडी क्राइम जोन), दाहोद, पाटन और सूरत ग्रामीण (कीम) में मामले दर्ज किए गए।

वहीं, राजस्थान में चित्रकूट और झोटवाड़ा पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हुए, जबकि तमिलनाडु पुलिस की सीसीडब्ल्यू अवादी सीटी यूनिट ने भी साइबर धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किए। इन सभी मामलों में धवल पटेल, हिरेन शाह और नरेंद्र खांगरे का नाम मुख्य आरोपियों के रूप में बार-बार सामने आया।

इस बड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गुजरात सीआईडी क्राइम, राजस्थान पुलिस, तमिलनाडु साइबर यूनिट्स और स्थानीय जिला साइबर सेलों ने खुफिया जानकारी साझा करने का एक संयुक्त अभियान शुरू किया। जांच एजेंसियों ने आपराधिक काम करने के तरीकों, आईपी एड्रेस, बैंक खातों के लेन-देन और मुख्य आरोपियों की कड़ियों को बारीकी से जोड़ते हुए इस पूरे गोरखधंधे को सहारा देने वाली तमाम शेल (मुखौटा) कंपनियों को ध्वस्त कर दिया है।

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