शादी के महज़ पांच महीने बाद भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गईं 33 वर्षीय त्विषा शर्मा की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले में भावनात्मक शोषण, अपमान और एक बेहद ही तनावपूर्ण शादी की दर्दनाक सच्चाई सामने आ रही है।
इस मामले में त्विषा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह अभी भी फरार हैं। इस बीच, त्विषा के करीबियों ने उन यातनाओं को लेकर खुलकर बोलना शुरू कर दिया है, जिन्हें वह शादी के बाद खामोशी से सह रही थीं।
त्विषा के दोस्त नवरतन, प्रेरणा और पुरुषोत्तम के अनुसार, समर्थ अक्सर दोस्तों और परिवार के सामने उसका अपमान करता था। वह उसकी समझ और पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाता था।
दोस्तों ने आरोप लगाया है कि समर्थ उसे सबके सामने ‘गंवार’ कहता था। उसका कहना था कि त्विषा कुछ नहीं जानती, उसने कोई पढ़ाई नहीं की है और वह कुछ नहीं कर सकती। समारोहों के दौरान भी उसे लगातार जलील किया जाता था।
दोस्तों का कहना है कि शादी के कुछ ही महीनों में त्विषा के स्वभाव में भारी बदलाव आ गया था। इस साल की शुरुआत में अपने भाई की शादी के दौरान वह असामान्य रूप से शांत और गुमसुम रहने लगी थी। उसे अपने ससुराल वालों की तरफ से भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा था।
त्विषा के अनचाहे गर्भधारण और उसके बाद हुए गर्भपात के कारण स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ गई। दोस्तों का आरोप है कि समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह ने इस प्रेगनेंसी और यहां तक कि बच्चे के पिता की पहचान को लेकर भी त्विषा पर कई बार सवाल उठाए।
एक समय ऐसा भी आया जब त्विषा के माता-पिता ने उसकी बिगड़ती मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे वापस घर लाने के लिए मध्य प्रदेश के टिकट बुक कर लिए थे। लेकिन गिरिबाला सिंह की इस धमकी के बाद उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी कि अगर त्विषा घर से गई, तो उसे कभी वापस नहीं आने दिया जाएगा।
त्विषा की एक करीबी दोस्त प्राची ने उसकी मौत के बाद एक और परेशान करने वाला दावा किया है। प्राची के मुताबिक, त्विषा काम और निजी इस्तेमाल के लिए दो अलग-अलग फोन रखती थी। आरोप है कि उसकी मौत के बाद ससुराल वालों ने उसका निजी फोन परिवार से छिपाने की कोशिश की।
त्विषा और समर्थ की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दिसंबर 2025 में दोनों शादी के बंधन में बंधे थे। लेकिन छह महीने से भी कम समय के बाद, 12 मई को भोपाल में उसके ससुराल में त्विषा का शव मिला।
इस घटना के बाद से वैवाहिक जीवन में होने वाले उस भावनात्मक शोषण पर देश भर में बहस छिड़ गई है, जिसके निशान शरीर पर दिखाई नहीं देते।
त्विषा की मां रेखा शर्मा के पास मौजूद व्हाट्सएप चैट्स से पता चलता है कि वह इस शादी में खुद को फंसा हुआ महसूस कर रही थी और लगातार मानसिक प्रताड़ना का शिकार थी। परिवार ने दहेज उत्पीड़न और शारीरिक हमले के भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
दूसरी ओर, इस मामले में सह-आरोपी और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दावा किया है कि त्विषा को मानसिक समस्याएं थीं और वह ड्रग्स की आदी थी। उनका आरोप था कि जब उसे अपनी “खुराक” नहीं मिलती थी तो वह अजीब बर्ताव करती थी। हालांकि, भोपाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक इन दावों की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।
त्विषा के परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि शादी से पहले वह एक खुशमिजाज, स्वस्थ और पेशेवर रूप से स्वतंत्र महिला थी। परिजनों के अनुसार, लगातार मिल रहे मानसिक तनाव के कारण शादी के बाद उसका स्वास्थ्य तेजी से गिरा और उसका वजन काफी कम हो गया था।
चूंकि गिरिबाला सिंह एक पूर्व जज हैं, इसलिए जांच को ‘रसूखदार संपर्कों’ के जरिए प्रभावित किए जाने की आशंका भी परिजनों द्वारा जताई गई है। उन्हें तो सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है, लेकिन समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
भोपाल पुलिस का कहना है कि समर्थ अभी भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए जानकारी देने वाले को 30,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है।
यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है। यह उन तमाम लोगों के लिए एक खौफनाक याद दिलाता है कि शादी के भीतर भावनात्मक शोषण अक्सर अदृश्य रहता है, और कई बार जब तक इसकी गंभीरता का पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
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