न्यूयॉर्क: Square, Cash App और Afterpay जैसी मशहूर कंपनियों की पैरेंट कंपनी ‘ब्लॉक’ (Block) ने अपने 40 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का कड़ा फैसला लिया है। ट्विटर (Twitter) के पूर्व सह-संस्थापक और ब्लॉक के को-फाउंडर जैक डोर्सी ने शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में स्पष्ट किया है कि इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण ‘इंटेलिजेंस टूल्स’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बढ़ती भूमिका है।
इस छंटनी के तहत 4,000 से अधिक लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा, जिसके बाद कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या घटकर 6,000 से कुछ कम रह जाएगी। जैक डोर्सी का मानना है कि आने वाले समय में ज्यादातर अन्य कंपनियां भी इसी राह पर चलेंगी।
AI बन रहा है छंटनी की वजह
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब AI टेक सेक्टर में नौकरियों के स्वरूप को पूरी तरह बदल रहा है और रोजगार के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले एक साल के भीतर अमेज़न (Amazon), मेटा (Meta), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और वेरिज़ोन (Verizon) जैसी कई दिग्गज कंपनियों ने भी AI से जुड़े कारणों के चलते बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है।
डोर्सी ने अपने पत्र में लिखा, “हम जिन टूल्स का निर्माण कर रहे हैं, उनका उपयोग करके एक काफी छोटी टीम भी अधिक और बेहतर काम कर सकती है। इसके साथ ही, इंटेलिजेंस टूल्स की क्षमताएं हर हफ्ते तेजी से बढ़ रही हैं।”
ब्लॉक की सीएफओ (CFO) अमृता आहूजा ने कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट में इसे और अधिक स्पष्ट करते हुए कहा, “हम AI का उपयोग करके ज्यादा से ज्यादा काम को ऑटोमेट कर रहे हैं। इससे हमें छोटी, लेकिन बेहद प्रतिभाशाली टीमों के साथ अधिक तेजी से आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।”
कंपनी संकट में नहीं, बल्कि मुनाफे में है
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में डोर्सी ने इस बात की गारंटी दी कि यह छंटनी इसलिए नहीं हो रही है कि कंपनी किसी वित्तीय संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा, “हमारा बिजनेस मजबूत है और ग्रॉस प्रॉफिट लगातार बढ़ रहा है।”
ट्विटर के पूर्व प्रमुख को लगता है कि वे इस रणनीतिक दौड़ में बाकी लोगों से आगे हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे लगता है कि ज्यादातर कंपनियों ने देर कर दी है। अगले एक साल के भीतर, मेरा मानना है कि अधिकांश कंपनियां इसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगी और इसी तरह के ढांचागत बदलाव करेंगी। मैं मजबूर होकर प्रतिक्रिया देने के बजाय, स्वेच्छा से और अपनी शर्तों पर इस बदलाव को अपनाना पसंद करूंगा।”
महामारी के दौरान हुई थी बंपर भर्तियां
दरअसल, भारी छंटनी कर रहीं और इसके लिए AI को जिम्मेदार ठहराने वाली कई टेक कंपनियों ने कोविड महामारी के दौरान अपने कर्मचारियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि की थी, क्योंकि उस समय ऑनलाइन सेवाओं की भारी मांग थी। उदाहरण के लिए, 2019 के अंत तक ब्लॉक में 3,835 कर्मचारी थे, जिनकी संख्या गुरुवार की छंटनी से पहले बढ़कर 10,000 के पार हो गई थी। इसी तरह मेटा ने भी लगभग दो वर्षों में अपने कर्मचारियों की संख्या दोगुनी कर ली थी।
अब ये टेक दिग्गज पीछे हट रहे हैं और महामारी से पहले वाले आंकड़ों पर वापस लौट रहे हैं। डोर्सी ने कहा कि उन्होंने कंपनी की स्थिति के बारे में ईमानदार रहने और महीनों या वर्षों तक धीरे-धीरे छंटनी करने के बजाय ‘अभी’ एक साथ यह सख्त कदम उठाने का विकल्प चुना।
कर्मचारियों को मिलेगा यह मुआवजा (Severance Package)
प्रभावित कर्मचारियों को मिलने वाले मुआवजे के बारे में डोर्सी ने विस्तार से बताया:
- कर्मचारियों को उनके कार्यकाल के आधार पर कम से कम 20 सप्ताह या उससे अधिक का वेतन दिया जाएगा।
- मई के अंत तक निहित इक्विटी (equity vested) मिलेगी।
- छह महीने की स्वास्थ्य सेवा (health care) कवर की जाएगी।
- कर्मचारी अपने कॉरपोरेट डिवाइस अपने पास रख सकेंगे।
- इन सबके अलावा 5,000 डॉलर की अतिरिक्त नकद राशि भी दी जाएगी।
निवेशक खुश, AI को लेकर चिंताएं बरकरार
दिलचस्प बात यह है कि निवेशकों ने छंटनी के इस फैसले का स्वागत किया है। इस घोषणा के बाद ब्लॉक के शेयरों में 24% तक का भारी उछाल देखा गया।
यह छंटनी ऐसे वक्त में हुई है जब एंथ्रोपिक (Anthropic) और ओपनएआई (OpenAI) जैसे AI दिग्गज लगातार नए एंटरप्राइज टूल्स बाजार में उतार रहे हैं। इसी हफ्ते, Anthropic ने मानव संसाधन (HR), डिजाइन और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे कार्यालयी कार्यों में इंसानों से बेहतर प्रदर्शन के लिए अपने लोकप्रिय ‘क्लॉड’ (Claude) मॉडल को अपडेट किया है।
इससे पहले इसी महीने Anthropic द्वारा अपने ‘क्लॉड को-वर्क’ (Claude Cowork) टूल के अपडेट लॉन्च होने के बाद सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी।
जैक डोर्सी का यह फैसला टेक लीडर्स के बीच उस बढ़ती भावना को भी दर्शाता है जिसके तहत वे AI के विकास के साथ कम कर्मचारियों के साथ काम करने (operate leanly) पर जोर दे रहे हैं।
इसी तरह की रणनीति का जिक्र करते हुए अक्टूबर में अमेज़न ने छंटनी के एक मेमो में कहा था कि उसे तेजी से काम करने के लिए ‘कम लेयर्स’ (fewer layers) की आवश्यकता है, और AI को “इंटरनेट के बाद अब तक की सबसे परिवर्तनकारी तकनीक” बताया था।
यह भी पढ़ें-
विकसित भारत 2047: डॉ. प्रीति अडानी ने महिलाओं को भारत की विकास यात्रा का मुख्य आधार बताया
गुजरात विधानसभा में ड्रग्स के मुद्दे पर तीखी बहस, 2 साल में 3,727 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त








