comScore सूरत: सोशल मीडिया पर धमकियों के बाद अंतरधार्मिक जोड़े ने मांगी पुलिस सुरक्षा, खौफ में छोड़ा शहर - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

सूरत: सोशल मीडिया पर धमकियों के बाद अंतरधार्मिक जोड़े ने मांगी पुलिस सुरक्षा, खौफ में छोड़ा शहर

| Updated: March 3, 2026 12:37

14 मार्च को सामूहिक विवाह में होने वाली थी शादी, लेकिन रस्मों का वीडियो वायरल होने के बाद मिली धमकियों से डरे जोड़े ने पुलिस से मांगी सुरक्षा और शहर छोड़ने का किया फैसला।

सूरत का एक अंतरधार्मिक (interfaith) जोड़ा इन दिनों भारी दहशत में जीने को मजबूर है। 14 मार्च को एक एनजीओ (NGO) द्वारा आयोजित किए जा रहे सामूहिक विवाह समारोह से पीछे हटने के बाद भी इस जोड़े को सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां मिल रही हैं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि अपनी जान के डर से उन्होंने काम पर जाना भी बंद कर दिया है और अब पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

रविवार को इस जोड़े ने किसी भी “अप्रिय घटना” से बचने के लिए सूरत के महिला पुलिस स्टेशन में एक आवेदन देकर मदद मांगी। महिला थाने के एक अधिकारी ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि वे इस मामले पर काम कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया, “धमकी भरे संदेश भेजने वालों का पता लगाने के लिए हम सूरत साइबर क्राइम पुलिस की भी मदद लेंगे।”

“हमारी इकलौती उम्मीद अब सिर्फ पुलिस है”

29 वर्षीय युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, “हमें रोज हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर धमकियां और भद्दे मैसेज मिल रहे हैं। हमारी जान को खतरा है और किसी भी वक्त हमारे साथ कुछ भी हो सकता है। हमारा साथ देने वाला कोई नहीं है; हमें अब सिर्फ पुलिस से ही आस है। हमने सपना देखा था कि 14 मार्च के बाद हम पति-पत्नी के रूप में एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे और अपना परिवार बसाएंगे। लेकिन अब हम अपनी और अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर बेहद डरे हुए हैं।”

यह जोड़ा पिछले पांच सालों से सूरत की एक रियल एस्टेट कंपनी में साथ काम कर रहा है। दोनों ही परिवारों की आर्थिक स्थिति सामान्य है और इस शादी के लिए उन्हें अपने-अपने माता-पिता से अनुमति भी मिल चुकी थी।

वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद

जोड़े ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए ‘यशवी फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट’ नाम के एनजीओ के बारे में पता चला था। यह संस्था 2024 से सामूहिक विवाह आयोजित करा रही है, जिसके बाद उन्होंने उनसे संपर्क किया। 14 मार्च को 101 जोड़ों की शादी होनी तय हुई थी।

इसके लिए 25 फरवरी से विवाह पूर्व रस्में शुरू हो गई थीं और महिलाओं को शादी का जोड़ा (ब्राइडल ट्रूसो) भी सौंप दिया गया था। 26 फरवरी को एनजीओ ने जोड़ों के लिए मेहंदी की रस्म आयोजित की, जिसमें यह अंतरधार्मिक जोड़ा भी मौजूद था।

लेकिन इन कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद जैसे ही जोड़े की पहचान उजागर हुई, उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर धमकियों की बाढ़ आ गई।

एनजीओ ने रद्द किया फॉर्म

बढ़ते दबाव के बीच 27 फरवरी को यशवी फाउंडेशन ने सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर साफ किया कि 14 मार्च को होने वाले सामूहिक विवाह में यह जोड़ा शामिल नहीं होगा।

संस्था ने अपने बयान में कहा कि वे “विवाह पंजीकरण कानून में प्रस्तावित संशोधन का सम्मान करते हैं, जिसमें माता-पिता की सहमति आवश्यक है।” एनजीओ ने आगे कहा, “इस बात को ध्यान में रखते हुए और यह देखते हुए कि कानून का ठीक से पालन नहीं किया गया है, हमने (इस अंतरधार्मिक जोड़े का) विवाह फॉर्म रद्द करने का निर्णय लिया है।”

इस पूरे घटनाक्रम पर 25 वर्षीय युवती ने कहा, “हालात बिगड़ने की वजह से हमने फिलहाल अपनी शादी टालने का फैसला किया है। हमने शादी के लिए यशवी फाउंडेशन से संपर्क किया था, लेकिन हमारे वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने विवाह पंजीकरण कानून में प्रस्तावित संशोधन का हवाला देते हुए हमारा फॉर्म रद्द कर दिया। हम अगले कुछ दिनों के लिए शहर छोड़ देंगे और जब तक मामला शांत नहीं हो जाता, दूर ही रहेंगे।”

उसने बताया कि दोनों ने अपने-अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली है और परिवारों को भी इस बारे में सूचित कर दिया है।

धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के उल्लंघन का आरोप

दूसरी तरफ, इस मामले का विरोध भी तेज हो गया था। 27 फरवरी को ‘दक्षिण गुजरात मुस्लिम समाज’ नामक एक एनजीओ के सूरत संयोजक असलम साइकिलवाला ने सूरत के जिला कलेक्टर सौरभ पारधी और पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का “उल्लंघन” बताते हुए इस शादी को रोकने की मांग की गई थी।

ज्ञापन में कहा गया था, “हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार होने वाले इस अंतरधार्मिक विवाह को रोका जाना चाहिए, क्योंकि इससे शहर का सामाजिक ताना-बाना और शांतिपूर्ण माहौल खराब होगा। गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 का उल्लंघन करने के लिए यशवी फाउंडेशन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।”

यह भी पढ़ें-

उद्घाटन के एक साल बाद ‘वनतारा’ की बड़ी उपलब्धि, हजारों वन्यजीवों को मिला नया जीवन

अहमदाबाद: नवरंगपुरा के एक फ्लैट में चल रहा था विदेशी जानवरों का अवैध ‘बाजार’, क्राइम ब्रांच ने किया भंडाफोड़

Your email address will not be published. Required fields are marked *