comScore गुजरात में 'ई-सरकार' के दावों की खुली पोल: आरटीआई पोर्टल से 6,659 सरकारी कार्यालय गायब - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

गुजरात में ‘ई-सरकार’ के दावों की खुली पोल: आरटीआई पोर्टल से 6,659 सरकारी कार्यालय गायब

| Updated: June 4, 2026 12:39

गुजरात के 'ई-सरकार' मॉडल पर उठे गंभीर सवाल; ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल से 6,659 सरकारी दफ्तरों के गायब होने पर राज्य सूचना आयोग सख्त, नोडल अधिकारियों को दिया 90 दिन का अल्टीमेटम।

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे गुजरात को एक बड़ा झटका लगा है। राज्य सूचना आयोग ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि सूबे के 6,659 सरकारी कार्यालय ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल से पूरी तरह से गायब हैं।

इस भारी प्रशासनिक लापरवाही पर राज्य के सूचना आयुक्त निखिल भट्ट ने एक सख्त आदेश जारी किया है। उनका कहना है कि इस खामी ने एक तरह का ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ पैदा कर दिया है, जिससे आम नागरिकों के लिए पोर्टल के ड्रॉप-डाउन मेनू से सही अधिकारियों का चुनाव करना लगभग नामुमकिन हो गया है।

सूचना आयुक्त ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि इस गड़बड़ी की मुख्य वजह नोडल अधिकारियों की लापरवाही है। इन अधिकारियों ने अपने अधीन आने वाले जन सूचना अधिकारियों (पीआईओ) और प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों (एफएए) को पोर्टल पर सही ढंग से मैप ही नहीं किया है।

इस मैपिंग के अभाव में लोग मजबूरी में अपने आरटीआई आवेदन सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय या अन्य नोडल विभागों को भेज रहे हैं। आयोग ने माना है कि इस पूरी स्थिति से न केवल राज्य सरकार की छवि खराब हो रही है, बल्कि आवेदकों को अनावश्यक बोझ और प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ रहा है।

पारदर्शिता के इस टेस्ट में फेल होने वाले विभागों की सूची काफी लंबी है। इसमें सबसे ऊपर ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल विभाग का नाम है, जिसके 1,172 कार्यालय पोर्टल पर मैप नहीं किए गए हैं। इसके बाद नर्मदा एवं जल संसाधन विभाग के 780 और राजस्व विभाग के 610 दफ्तरों का कोई अता-पता नहीं है।

इन प्रमुख विभागों के अलावा कृषि एवं किसान कल्याण के 532, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के 485, सड़क एवं भवन के 474 और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 454 कार्यालय भी इसी सूची में शामिल हैं। वहीं, श्रम एवं रोजगार विभाग के 393, गृह विभाग के 361 तथा वित्त विभाग के 233 दफ्तर भी इस तकनीकी लापरवाही का शिकार पाए गए हैं।

इस पूरे मामले का खुलासा दीक्षितकुमार तलपदा नामक एक नागरिक द्वारा दायर की गई शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने अपनी पिछली प्रथम अपीलों के लॉग और आंतरिक मूवमेंट के रिकॉर्ड मांगे थे। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनके आवेदन एक ऐसे ‘डिजिटल नो-मैन्स लैंड’ में खो रहे हैं, जहां से कोई जवाब नहीं आ रहा।

सुनवाई के दौरान यह कड़वा सच भी सामने आया कि एक तरफ राज्य सरकार अपनी ‘ई-सरकार’ (इलेक्ट्रॉनिक सरकार) प्रणाली को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ आरटीआई पोर्टल के साथ इसका बैकएंड एकीकरण पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।

राज्य सूचना आयोग ने तकनीकी खामियों को कोई भी बहाना मानने से साफ इनकार कर दिया है। आयोग ने सभी नोडल अधिकारियों को 90 दिन का सख्त अल्टीमेटम दिया है, जिसके भीतर हर हाल में सभी कार्यालयों की मैपिंग पूरी करनी होगी।

इस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए आदेश में ‘आधुनिक एआई टूल्स’ और ‘उन्नत खोज सुविधा’ (एडवांस्ड सर्च फीचर) को शामिल करने की भी सिफारिश की गई है। इससे आवेदकों की हिस्ट्री को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा और अनावश्यक सवालों को रोका जा सकेगा।

इसके अलावा, आयोग ने यह भी मांग की है कि पोर्टल पर एक ही आवेदन को एक साथ कई पीआईओ को भेजने की अनुमति होनी चाहिए। आयुक्त भट्ट ने सभी नोडल अधिकारियों को हर महीने समीक्षा बैठक करने का भी निर्देश दिया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में कोई भी दफ्तर इस सिस्टम से बाहर न रहे।

यह भी पढ़ें-

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर देश का सबसे बड़ा स्टैंडअलोन एविएशन फ्यूल स्टेशन शुरू, विमानों के संचालन में आएगी तेजी

‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’: गुजरात में 362 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार, डिप्टी सीएम बोले- हर घुसपैठिए को वापस भेजेंगे

Your email address will not be published. Required fields are marked *