वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक और विनाशकारी युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की सेना को पूरी तरह से “खत्म” करने के दावे के बाद, तेहरान ने अब तक का सबसे बड़ा पलटवार करते हुए ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ (Operation True Promise 4) लॉन्च कर दिया है। हजारों ड्रोन और मिसाइलों के इस भयानक हमले ने अमेरिका और इजरायली ठिकानों को हिलाकर रख दिया है।
ट्रंप के चौंकाने वाले दावे: “ईरान की नौसेना समुद्र के तल में”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सेना की कार्रवाई की जमकर सराहना करते हुए दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत अब अतीत का हिस्सा बन चुकी है।
ट्रंप ने कहा, “उनकी सेना खत्म हो चुकी है… उनकी नौसेना खत्म है, उनका संचार नेटवर्क तबाह हो गया है और उनके नेता मारे जा चुके हैं। उनके नेताओं की दो कतारें खत्म हो चुकी हैं, वे अब अपने तीसरे स्तर के नेताओं पर निर्भर हैं।”
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सभी 32 युद्धपोत अब ‘समुद्र के तल’ (bottom of the ocean) में हैं और उनकी वायु सेना पूरी तरह से मिटा दी गई है।
उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अमेरिकी B-2 बमवर्षकों ने ईरान की परमाणु क्षमता और उसकी संभावनाओं को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने अमेरिकी सेना के इस अभियान को 0 से 10 के पैमाने पर “12 से 15” अंक दिए और कहा कि अमेरिकी सेना ने अद्भुत काम किया है।
ईरान का खौफनाक पलटवार: ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’
ट्रंप के दावों के बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हार मानने के बजाय एक भीषण जवाबी हमला किया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका इंतकाम “अभी तो बस शुरू हुआ है।”
ईरान ने अब तक 2,000 से अधिक कामिकाजे ड्रोन और 600 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर दागी हैं। रामत डेविड एयरबेस (Ramat David Airbase) और मेरिन रडार साइट को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, भारी वॉरहेड से लैस ‘खुर्रमशहर’ बैलिस्टिक मिसाइलों से बेन गुरियन हवाई अड्डे (Ben Gurion Airport) पर भी हमला किया गया है। इराक के कुर्दिस्तान (एरबिल) और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य शिविरों पर भी ईरानी ड्रोन कहर बनकर टूटे हैं।
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को पीछे हटने पर किया मजबूर
इस संघर्ष की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) का पीछे हटना है। ओमान की खाड़ी के पास होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करने के उद्देश्य से तैनात इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर ईरानी नौसेना के ड्रोन्स ने हमला किया। इसके बाद, इस महाकाय युद्धपोत को अपने विध्वंसक जहाजों (destroyers) के साथ क्षेत्र से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आसमान में ईरानी वायु रक्षा का कहर
ईरानी सेना और IRGC ने अपनी संयुक्त वायु रक्षा कमान के तहत दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी और इजरायली वायु सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है:
- एक F-15E फाइटर जेट को मार गिराया गया है।
- चार उन्नत टोही और लड़ाकू ड्रोन (हर्मीस 900 और MQ-9 रीपर) को मार गिराया गया है।
- कुल मिलाकर, ईरान का दावा है कि उसने अब तक 75 से अधिक दुश्मन ड्रोन्स को नष्ट कर दिया है।
आगे क्या? सायरन की गूंज और खौफ का साया
इजरायल (कब्जे वाले क्षेत्रों) में पिछले 100 घंटों से लगातार सायरन बज रहे हैं और लोग बंकरों में छिपने को मजबूर हैं। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इन हमलों की तीव्रता और दायरा और भी अधिक बढ़ाया जाएगा।
यह सीधा टकराव अमेरिका-ईरान संबंधों और मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बेहद खतरनाक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है, जिसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकते हैं।
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