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अमेरिका का बड़ा कदम: ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे विदेशी नागरिकों को लौटना पड़ सकता है अपने देश

| Updated: May 23, 2026 15:51

H-1B और अन्य अस्थायी वीजा पर अमेरिका गए भारतीयों को लग सकता है बड़ा झटका, स्थायी निवास (Permanent Residency) के लिए अपने देश लौटकर करना होगा इंतजार।

अमेरिका जाने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) अब उन लोगों को देश छोड़ने के लिए कह सकती है जो वहां ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। नए दिशानिर्देशों के तहत, ऐसे आवेदकों को अपने गृह देश में रहकर ही इस प्रक्रिया के पूरा होने की प्रतीक्षा करनी होगी।

USCIS द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों में आप्रवासन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 245 (a) के तहत मिलने वाले अस्थायी नॉन-इमिग्रेंट स्टेटस से स्थायी इमिग्रेंट स्टेटस में बदलाव की प्रक्रिया को अब आमतौर पर अमेरिका से बाहर रहकर पूरा करने वाला प्रोसेस माना जाएगा।

इस फैसले की जानकारी देते हुए USCIS के निदेशक जोसेफ एडलो ने कहा कि एजेंसी अस्थायी प्रवेश और स्थायी निवास के बीच एक स्पष्ट अंतर सुनिश्चित करना चाहती है। उनके अनुसार, इस बदलाव के बीच की अवधि को आवेदकों को अपने मूल देश में ही बिताना चाहिए।

गौर करने वाली बात यह है कि इस नए नियम का निशाना कोई अवैध विदेशी नागरिक नहीं हैं। बल्कि इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो B1/B2, F1/M1, J1, H-1B और O-1 जैसे अस्थायी वीजा पर अमेरिका आते हैं। इनमें पर्यटक, छात्र और कामकाजी पेशेवर शामिल हैं।

ये तमाम लोग शुरू में एक ‘नॉन-इमिग्रेंट’ उद्देश्य के साथ अमेरिका आते हैं, जिसका मतलब होता है कि वे वहां स्थायी रूप से बसने नहीं बल्कि किसी खास काम से आए हैं। हालांकि, बाद में वे स्थायी निवास या ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर देते हैं।

ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने के बाद मूल देश के आधार पर प्रतीक्षा समय अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, भारतीय नागरिकों के लिए यह वेटिंग पीरियड काफी लंबा है। इस लंबे इंतजार के दौरान, ये लोग आमतौर पर अमेरिका में रहते हुए अपने वीजा का नवीनीकरण कराते रहते हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की योजना अब ऐसे सभी लोगों को ग्रीन कार्ड मिलने तक उनके अपने देश वापस भेजने की है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, वैध स्थायी निवास की चाह रखने वाले लोगों को वापस जाना होगा, वहां स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी और फिर अमेरिकी विदेश विभाग के माध्यम से इमिग्रेंट वीजा प्राप्त करके ही दोबारा अमेरिका में प्रवेश करना होगा।

आमतौर पर इमिग्रेंट वीजा रोजगार, परिवार या निवेशकों पर आधारित होते हैं, जो अमेरिका में प्रवेश करने से पहले ही वहां स्थायी रूप से रहने का अपना इरादा स्पष्ट कर देते हैं।

निदेशक जोसेफ एडलो ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में USCIS कानून के मूल उद्देश्य को बहाल कर रहा है। उनका कहना है कि जो लोग अस्थायी रूप से अमेरिका आते हैं और बाद में स्थायी निवास चाहते हैं, उन्हें प्रस्थान कर उचित माध्यमों का पालन करना चाहिए।

दस्तावेज में यह भी साफ किया गया है कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही किसी व्यक्ति को अमेरिका में रहकर स्टेटस एडजस्टमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जाएगी। ऐसी स्थिति में भी सामान्य प्रक्रियाओं के बजाय USCIS अधिकारियों द्वारा उनकी गहन जांच की जाएगी।

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