गुजरात के वलसाड जिले के एक गांव में गहराए जल संकट ने लोगों को भारी मुश्किल में डाल दिया था। यहां गर्मी के कारण आठ कुएं सूख गए और पाइपलाइन टूटने से सामूहिक जल आपूर्ति योजना भी ठप पड़ गई। इस गंभीर संकट के बीच कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें महिलाएं और पुरुष पानी की तलाश में जान जोखिम में डालकर सूखे कुओं की तलहटी तक उतरते नजर आए।
यह वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गुरुवार को ही पाइपलाइन की मरम्मत करके इस समस्या का समाधान कर दिया गया था।
वायरल हो रहे इन दृश्यों में देखा जा सकता है कि कैसे एक महिला सूखे कुएं के अंदर उतरकर अन्य महिलाओं के बर्तनों में पानी भर रही है, जो रस्सियों के सहारे अपने बर्तन नीचे लटका रही हैं। वहीं, कुछ पुरुष अपनी कमर और चट्टानों से रस्सी बांधकर पानी लाने के लिए गहरी खाइयों और कुओं में उतरते दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, यह झकझोर देने वाला वीडियो वलसाड जिले के कपराडा तालुका स्थित मोटी पलसान गांव का है। इस पहाड़ी इलाके में इस सप्ताह की शुरुआत से ही पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई थी।
कपराडा के तालुका विकास अधिकारी आनंद पटेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गांव में कुल आठ कुएं हैं जो अक्सर गर्मियों के मौसम में सूख जाते हैं। ग्रामीणों को राज्य सरकार की ‘अस्तोल ग्रुप वाटर सप्लाई स्कीम’ के जरिए नल से पानी मिलता है।
इस योजना के तहत मधुबन बांध से पानी पंप करके पहाड़ी इलाकों के गांवों तक पहुंचाया जाता है, जिसमें मोटी पलसान भी शामिल है। पाइपलाइन नेटवर्क में रिसाव के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। गुरुवार शाम को इस नेटवर्क की मरम्मत कर दी गई और शुक्रवार से गांव वालों को फिर से पानी मिलने लगा है।
मोटी पलसान गांव के एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कपराडा तालुका में हर साल मानसून में भारी बारिश होती है और आठों कुएं भर जाते हैं। लेकिन गर्मी आते ही ये पूरी तरह से सूख जाते हैं। पहाड़ी इलाके में बसे इस गांव की आबादी करीब 1,000 से 1,200 लोगों की है।
यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती और पशुपालन है। जल संकट के दिनों में ग्रामीण पूरी तरह से अस्तोल ग्रुप जल आपूर्ति योजना के नलों पर ही निर्भर रहते हैं।
ग्रामीण ने आगे बताया कि मुख्य जलापूर्ति लाइन काफी समय से क्षतिग्रस्त थी और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। मजबूरन गांव वालों ने एक महिला के गहरे कुएं में उतरकर पानी लाने का वीडियो बनाया और जगह की जानकारी के साथ उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। लोग लंबे समय से इसी खतरनाक तरीके से पानी ला रहे थे।
वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और गुरुवार शाम को युद्ध स्तर पर पाइपलाइन के रिसाव को ठीक किया गया। इसके बाद शुक्रवार से ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी मिलना शुरू हो गया है।
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