नई दिल्ली/गांधीनग: केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में गुजरात से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से कुल 20,383 करोड़ रुपये का टोल एकत्र किया है। इसके साथ ही, इसी अवधि के दौरान केंद्र ने गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव के लिए 47,236 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भी आवंटित की है। यह महत्वपूर्ण जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने 11 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के सवाल पर दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री ने यह विस्तृत जानकारी राज्यसभा सांसद श्री परिमल नथवानी द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में साझा की। सांसद नथवानी ने पिछले पांच वर्षों के दौरान गुजरात के राष्ट्रीय राजमार्गों से एकत्र किए गए टोल और इसी अवधि में राज्य में राजमार्गों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए आवंटित धन का पूरा विवरण मांगा था।
इसके अलावा, उन्होंने गुजरात की प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं, विशेष रूप से मुंबई-अहमदाबाद (एनएच-48), सूरत-दहीसर और अहमदाबाद-राजकोट-जेतपुर मार्गों पर चल रहे काम को पूरा करने की समय सीमा के बारे में भी पूछताछ की थी। श्री नथवानी ने भरूच-सूरत और अहमदाबाद-हिम्मतनगर राजमार्ग सहित राज्य के प्रमुख मार्गों पर मौजूद बड़े गड्ढों और टूटी सतहों को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी थी।
राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति और समय सीमा
राजमार्गों की स्थिति पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि एनएच-48 के वापी-सूरत और सूरत-भरूच खंड का 6-लेन का काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में यह खंड ‘प्रदर्शन आधारित सड़क रखरखाव अनुबंध’ (पीबीएमसी) मोड के तहत रखरखाव के अधीन है। इस मार्ग पर 16 पुलों, फ्लाईओवर और वाहनों के अंडरपास के निर्माण का काम प्रगति पर है, जिसे जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लिखित जवाब में आगे बताया गया कि एनएच-48 के भरूच-वडोदरा खंड का 6-लेन का काम साल 2011 में ही पूरा हो चुका था और यह भी पीबीएमसी मोड पर रखरखाव के अधीन है। यहां 7 पुलों, फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, वडोदरा-अहमदाबाद खंड का 6-लेन का काम पूरा हो चुका है और यह बीओटी (BOT) के तहत संचालित है। शामलाजी-मोटा चिलोडा मार्ग के 6-लेन के बचे हुए काम को जून 2026 तक पूरा करने की जानकारी दी गई है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य मार्गों का अपडेट
मंत्री ने सदन को सूचित किया कि एनएच-27 के राजकोट-जेतपुर खंड का 6-लेन कार्य प्रगति पर है और इसे जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरी ओर, राजकोट-अहमदाबाद परियोजना गुजरात सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसे राज्य सरकार अपने बजटीय संसाधनों के माध्यम से पूरा कर रही है। इसके अतिरिक्त, महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
टोल संग्रह और आवंटन का वर्षवार विवरण
नीचे दिए गए आंकड़े पिछले पांच वर्षों में गुजरात के राष्ट्रीय राजमार्गों से प्राप्त टोल और सरकार द्वारा किए गए आवंटन (राशि करोड़ रुपये में) को दर्शाते हैं:
| वित्तीय वर्ष | गुजरात के एनएच से टोल संग्रह | गुजरात के एनएच के विकास और रखरखाव के लिए आवंटन |
| 2020-21 | 3178.58 | 7533 |
| 2021-22 | 3744.36 | 10710 |
| 2022-23 | 4090.04 | 9831 |
| 2023-24 | 4394.82 | 10900 |
| 2024-25 | 4975.20 | 8262 |
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