बुनियादी ढांचे के तेजी से होते विकास और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण अहमदाबाद के रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। क्रेडाई (Credai) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में शहर के हाउसिंग सेक्टर ने लगभग 67,000 करोड़ रुपये की शानदार बिक्री दर्ज की है। यह आंकड़ा भारत की कुल प्राथमिक आवासीय रियल एस्टेट बिक्री मूल्य का 8 प्रतिशत है।
रिपोर्ट बताती है कि 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर 6.14 लाख से अधिक आवासीय इकाइयां बिकीं, जिनका कुल मूल्य करीब 8.44 लाख करोड़ रुपये रहा। इस राष्ट्रीय वृद्धि में अहमदाबाद एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरा है। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (Ease of Living Index) में तीसरे स्थान पर मौजूद यह शहर अब एक तेजी से बढ़ता आर्थिक केंद्र बन चुका है।
कीमतों में लगातार इजाफा और बाजार की मजबूती
क्रेडाई के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में अहमदाबाद के हाउसिंग मार्केट में कीमतों में 3.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई है। वहीं, साल 2025 में शहर के हाउस प्राइस इंडेक्स में भी 2.9 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। रिपोर्ट में इसे बाजार की मजबूत मांग, आर्थिक विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का परिणाम बताया गया है। इसके अलावा, पर्यावरण के मोर्चे पर रिपोर्ट में अहमदाबाद के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का भी जिक्र किया गया है, जो 130 के साथ ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में दर्ज हुआ।
3BHK की सबसे ज्यादा मांग, प्रीमियम घरों की तरफ भी बढ़ा रुझान
शहर के आवासीय सप्लाई और बिक्री में फिलहाल 3BHK अपार्टमेंट्स का दबदबा है, जिसके बाद 2BHK घरों का नंबर आता है। क्रेडाई-गुजरात के सचिव विरल शाह ने इस रुझान पर अपनी राय रखते हुए कहा कि अहमदाबाद में नई सप्लाई के मामले में 3BHK घर बड़े अंतर से आगे हैं, और इनकी सबसे ज्यादा मौजूदगी 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के प्राइस बैंड में है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि 2BHK घर किफायती और मिड-सेगमेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जबकि 4BHK घरों का निर्माण मुख्य रूप से प्रीमियम खरीदारों के लिए किया जा रहा है। अन्य श्रेणियों के मकानों में बहुत कम नए प्रोजेक्ट्स जुड़ रहे हैं।
किस बजट में बिक रहे हैं सबसे ज्यादा घर?
बिक्री के आंकड़ों पर बारीकी से नजर डालें, तो 50 लाख से 75 लाख रुपये वाले मकानों का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा। इस बजट में कुल 10,923 यूनिट्स बेची गईं। इसके बाद 75 लाख से 1 करोड़ रुपये की श्रेणी में 6,969 घर और 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये के सेगमेंट में 5,300 मकान बिके।
दिलचस्प बात यह है कि अनसोल्ड इन्वेंट्री (बिना बिके हुए घर) का आंकड़ा भी इन्हीं श्रेणियों में सबसे अधिक रहा। रिपोर्ट के अनुसार, 50 लाख से 75 लाख रुपये के सेगमेंट में 23,967, 75 लाख से 1 करोड़ रुपये की श्रेणी में 16,195 और 1 से 1.5 करोड़ रुपये के ब्रैकेट में 13,269 यूनिट्स अभी भी खरीदारों का इंतजार कर रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रीमियम हाउसिंग का जलवा
राष्ट्रीय बाजार की बात करें तो 2025 में प्रीमियम हाउसिंग का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया। कुल बिक्री मूल्य में 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी लगभग 78 प्रतिशत रही। इतना ही नहीं, केवल 2 करोड़ रुपये से ऊपर वाले सेगमेंट ने कुल वैल्यू शेयर के आधे से अधिक हिस्से पर कब्जा जमाया।
पीएम गति शक्ति मिशन के तहत बेहतर होती कनेक्टिविटी के कारण अब टियर 2, टियर 3 और टियर 4 शहर भी तेजी से शैक्षणिक, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित हो रहे हैं।
वर्तमान में भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र का अनुमानित आकार 23.5 ट्रिलियन रुपये आंका गया है, जो देश की जीडीपी का 7.1 प्रतिशत है। इस विशाल बाजार में अकेले आवासीय (रेसिडेंशियल) सेगमेंट की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत है, जिसका मूल्य लगभग 19.5 ट्रिलियन रुपये है।
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