दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी द्वारा जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण ने कॉर्पोरेट जगत के साथ-साथ शेयर बाजार में भी नई ऊर्जा भर दी है। इस ऐतिहासिक डील के बाद जेपी पावर के शेयरों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। इसी बीच जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने एक बेहद भावुक और सकारात्मक सार्वजनिक बयान जारी कर अडानी समूह को कंपनी के सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
जयप्रकाश गौड़ का भावुक विदाई संदेश
जयप्रकाश गौड़ ने 9 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से जारी अपने बयान में JAL को महज़ एक कंपनी नहीं, बल्कि 1979 से शुरू हुई अपनी एक लंबी और भावनात्मक यात्रा बताया। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, जलविद्युत परियोजनाओं, सीमेंट प्लांट्स, जेपी विश टाउन और जेपी स्पोर्ट्स सिटी जैसे बड़े और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स विकसित करने पर गहरा गर्व व्यक्त किया।
गौड़ ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण इसे इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस संकट के दौरान उन्होंने गृह-खरीदारों, कर्मचारियों, बैंकों और भागीदारों के साथ मिलकर समाधान निकालने का पूरा प्रयास किया।
अडानी समूह के नेतृत्व पर जताया पूर्ण विश्वास
अपने बयान में गौड़ ने समिति ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा पूरी की गई इस प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और निष्पक्ष बताया। उन्होंने बोली में हिस्सा लेने के लिए अडानी और वेदांता दोनों समूहों का आभार व्यक्त किया।
समिति द्वारा अडानी समूह को सफल बोलीदाता चुने जाने के फैसले का सम्मान करते हुए गौड़ ने एक मजबूत उम्मीद जताई है। उनका दृढ़ विश्वास है कि श्री गौतम अडानी के नेतृत्व में कंपनी आगे बढ़ेगी और अपने सभी हितधारकों की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी उतरेगी। उन्होंने अडानी समूह को आगे की यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं।
14,535 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक डील का असर
मार्च 2026 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी मिलने के बाद, अडानी एंटरप्राइजेज ने 14,535 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाकर दिवालिया हो चुकी JAL को अपने नाम कर लिया है।
इस अधिग्रहण का सीधा और बड़ा असर जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JP Power) पर पड़ा है, क्योंकि JAL जेपी पावर की प्रमोटर कंपनी है और इसमें उसकी 24 फीसदी हिस्सेदारी है। इस डील का अर्थ है कि जेपी पावर के सभी एसेट्स पर अब अप्रत्यक्ष रूप से अडानी ईकोसिस्टम का नियंत्रण स्थापित हो गया है।
जेपी पावर के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी
अडानी की एंट्री की खबर बाजार में आते ही जेपी पावर के शेयरों में भारी खरीदारी देखने को मिल रही है। फिलहाल 17.0 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे इस शेयर ने पिछले एक महीने में 27 फीसदी का शानदार उछाल दर्ज किया है।
पिछले एक हफ्ते में ही इसमें करीब 12 फीसदी की तेजी आ चुकी है, और इसका मार्केट कैप 11,658 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि अडानी ग्रुप जैसी मजबूत पेरेंटेज मिलने से कंपनी के ऑपरेशंस और कर्ज की स्थिति में तेजी से सुधार आएगा।
विशाल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता
साल 1994 में निगमित जेपी पावर मुख्य रूप से कोल व सैंड माइनिंग, सीमेंट ग्राइंडिंग और बिजली उत्पादन में कार्यरत है। कंपनी की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2220 मेगावाट है।
इसके तहत उत्तराखंड में 400 मेगावाट का विष्णुप्रयाग हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्लांट, मध्य प्रदेश के सागर में 500 मेगावाट का जेपी बीना थर्मल पावर प्लांट और सिंगरौली में 1320 मेगावाट का विशाल जेपी निगरी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।
ईंधन आपूर्ति के मोर्चे पर भी जेपी पावर काफी मजबूत स्थिति में है। अमेलिया कोयला खदान से 3.92 मिलियन टन क्षमता और बीना प्लांट के लिए 1.5 मिलियन टन के फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट के साथ कंपनी का आधार बेहद ठोस है। अडानी समूह के नियंत्रण से इन विशाल एसेट्स का और बेहतर उपयोग होने की प्रबल संभावनाएं बाजार में उत्साह का मुख्य कारण बनी हुई हैं।
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