कालूपुर पुलिस ने शुक्रवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की कालूपुर शाखा के जॉइंट कस्टोडियन हरसिद्ध कडियार को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर बैंक के करेंसी चेस्ट से 8.7 करोड़ रुपये चुराने का गंभीर आरोप है। बैंक के मुख्य प्रबंधक द्वारा शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई। अदालत ने फिलहाल आरोपी कडियार को 27 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
चांदखेड़ा का रहने वाला कडियार 13 अप्रैल को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर छुट्टी पर गया था, लेकिन उसके बाद वह कभी काम पर नहीं लौटा। दर्ज शिकायत के अनुसार, उसने बैंक की तरफ से लगातार आ रहे फोन कॉल्स और ईमेल को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।
इस बड़ी चोरी का खुलासा तब हुआ जब एक नए कस्टोडियन ने कार्यभार संभाला और बैंक का आंतरिक ऑडिट किया।
इस ऑडिट के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए जब उन्हें करेंसी चेस्ट से 500 रुपये के नोटों के 174 रीम गायब मिले। आपको बता दें कि गायब हुए प्रत्येक रीम में 100 नोटों के 10 बंडल थे, जिनकी कुल कीमत 8.7 करोड़ रुपये बैठती है।
नकदी की इस भारी कमी को छिपाने के लिए कडियार ने बड़ी चालाकी से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ई-कुबेर पोर्टल पर फर्जी बैलेंस सर्टिफिकेट अपलोड किए थे, ताकि सिस्टम में सब कुछ सामान्य दिखे।
पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी कडियार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि चोरी के इन पैसों से उसने सोला इलाके में 2 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत का एक घर खरीदा है। इसके अलावा, उसने बैंक की एक महिला कर्मचारी को कुछ नकद रुपये दिए, एक टेम्पो खरीदा और बाकी रकम को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर दिया।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (डी डिवीजन) हीरेंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस फिलहाल आरोपी के इन सभी दावों की बारीकी से पुष्टि कर रही है। पुलिस की जांच टीम कडियार के क्रिप्टो वॉलेट को ट्रेस करने में भी जुटी हुई है ताकि निवेश की गई रकम का सटीक पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान जब बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो पूरी साजिश की परतें खुल गईं। फुटेज में आरोपी 13 जनवरी को बैंक शाखा में दाखिल होता नजर आ रहा है। उसके कुछ ही देर बाद एक मजदूर और उसका बेटा भी वहां अंदर गए। रिकॉर्डिंग में साफ दिख रहा है कि ये तीनों लोग बाद में कई भारी बक्से लेकर बैंक से बाहर निकल रहे हैं।
पूछताछ होने पर उन्होंने बैंक के सुरक्षाकर्मियों को यह कहकर चकमा दे दिया था कि इन बक्सों में कबाड़ का सामान है जिसे बाहर फेंका जाना है।
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