केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बताया है कि बुधवार दोपहर तक कक्षा 12 के 40,000 से अधिक छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन किया है।
बोर्ड द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बुधवार दोपहर 12 बजे तक पोर्टल पर सत्यापन के लिए 4,924 और पुनर्मूल्यांकन के लिए 39,056 आवेदन स्वीकार किए जा चुके हैं। इस तरह अब तक कुल 43,980 छात्रों ने अपनी कॉपियों की दोबारा जांच के लिए कदम उठाया है।
आवेदन शुल्क के भुगतान को लेकर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र पोर्टल पर उपलब्ध स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा या इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों का इन बैंकों में खाता होना कतई जरूरी नहीं है; वे इनमें से किसी भी गेटवे के माध्यम से अपनी फीस आसानी से जमा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि इस साल बोर्ड द्वारा लागू किए गए नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग इवैल्यूएशन सिस्टम को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने कई चिंताएं व्यक्त की थीं। हालांकि वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ तकनीकी देरी के कारण इस पोर्टल को आखिरकार 2 जून को लॉन्च किया गया।
बोर्ड ने सभी उम्मीदवारों को सख्ती से सलाह दी है कि वे बिना किसी चूक के 6 जून की आधी रात तक अपने आवेदन जमा कर दें। इस पूरी प्रक्रिया के सुचारू रूप से संपन्न होने के बाद ही छात्रों को उनके अनुरोध के अंतिम परिणाम की आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
छात्रों की सुविधा के लिए पूरी आवेदन प्रक्रिया को आसानी से समझने हेतु एक विजुअल गाइड और ट्यूटोरियल वीडियो भी पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आवेदकों के लिए आधार-आधारित वेरिफिकेशन भी पेश किया है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि इस तरह के सत्यापन को अनिवार्य बनाना सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के एक आदेश के विपरीत माना जा रहा है।
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